मिला इस मित्र देश का साथ, कहा- भारत को नहीं होने देंगे पेट्रोल की कमी

नई दिल्ली: एक तो पेट्रोल और डीजल को लेकर होने वाली किसी भी समस्याओं से निपटने के लिए भारत की सत्तारूढ़ मोदी सरकार पहले से ही सचेत नजर आ रही है और देश में पेट्रोल के स्टोरेज के लिए दो और बड़े अंडरग्राउंड क्रूड ऑयल स्टोरेज बनवाने की कवायद में जुटी है, लेकिन शायद देश को पेट्रोल के स्टोरेज के लिए बनवाई जा रही इन गुफाओं की जरुरत न पड़े। दरअसल,भारत के अच्छे मित्र देशों में से एक ईरान ने भरोसा  जताते हुए कहा कि वह भारत में पेट्रोल की कमी नहीं होने देगा। यह बात ईरान के उप राजदूत ने मसूद रिजवानियन रहागी के बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान भारत को मिलने वाली विशिष्ट सहूलियतों को बंद कर सकता है।

ईरान के दूतावास ने कहा है कि वह भारत को तेल आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करेगा। उसने जोर देकर कहा कि वह भारत का भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार रहा है। ईरान के दूतावास ने यह स्पष्टीकरण ऐसे समय दिया है। दूतावास ने कहा, वह अस्थिर ऊर्जा बाजार से निपटने में भारत को हो रही दिक्कतों को समझता है। उसने कहा कि ईरान द्विपक्षीय व्यापार विशेष तौर पर ईरानी तेल के आयात को बनाये रखने के लिए विभिन्न कदम उठाकर भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करेगा।

आपको बता दें कि ईरान के उप राजदूत मसूद रिजवानियन रहागी ने एक दिन पहले कहा था कि अमेरिकी प्रतिबंध के बाद यदि भारत ने ईरान से तेल आयात में कटौती की तो ईरान भारत को मिलने वाली विशिष्ट सहूलियतें बंद कर देगा। उन्होंने कहा था कि यदि भारत ने सऊदी अरब, रूस, इराक, अमेरिका या किसी अन्य देश से तेल मंगाने की कोशिश की तो ईरान भारत को दी जाने वाली विशिष्ट सहूलियतें बंद कर देगा।

एक दिन पहले ही चाबहार बंदरगाह को लेकर ईरान ने भारत के प्रति नाराजगी जाहिर की थी। ईरान ने आरोप लगाया था कि भारत ने उसके साथ वादाखिलाफी की है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह में वादे के मुताबिक निवेश नहीं करने पर भारत की आलोचना करते हुए ईरान ने कहा कि यदि भारत ईरान से तेल का आयात कम करता है तो उसे मिलने वाले विशेष लाभ खत्म हो सकते हैं।

ईरान के उप राजदूत और चार्ज डि अफेयर्स मसूद रजवानियन रहागी ने कहा कि यदि भारत अन्य देशों की तरह ईरान से तेल आयात कम कर सऊदी अरब, रूस, इराक और अमेरिका से आयात करता है तो उसे मिलने वाले विशेष लाभ को ईरान खत्म कर देगा।

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