‘भारत विश्व कल्याण में विश्वास रखने वाला, आत्मनिर्भरता के लिए निर्यात को बढ़ाना जरूरी’

नितिन गडकरी ने कहा कि हमारे प्रेरणा स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्ति और उनके द्वारा शिकागो में दिए गए भाषण हैं।

नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि भारत विस्तारवादी सोच में विश्वास नही रखता है। भारत पूरे विश्व के कल्याण के बारे में सोचता है और इसी विचार धारा के साथ आगे बढ़ता है।

हमारा विश्वास विश्व कल्याण में है

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गणकरी पूणे में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा विश्वास वसुधैव कुटुम्बकम (विश्व कल्याण) में है। किसी भी देश को आत्मनिर्भर बनने के लिए ज्ञान, उद्यमिता विज्ञान तकनीक अनुसंधान और सफल पद्धतियों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

नितिन गडकरी ने कहा कि हमारे प्रेरणा स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्ति और उनके द्वारा शिकागो में दिए गए भाषण हैं।

हमे विस्तारवादी सोच में विश्वास नहीं

उन्होंने देश के विकास के लिए वैज्ञानिक उन्नतियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हमें विश्वशक्ति बनने के लिए ज्ञान के आधार पर आगे बढ़ना है हम उसके लिए कुछ देशों की तरह विस्तारवादी नीति का इस्तेमाल नही कर सकते हैं। हम पहले स्थान पर आने के लिए विज्ञान और तकनीकी में विस्तार कर रहे हैं परन्तु हमें विस्तारवादी सोच से आगे नही बढ़ना है।

गुणवत्ता के आधार पर हो शिक्षा की आपूर्ति

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा आवश्यक होने की बात कही। उन्होनें कहा कि आखिरी व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचना जरूरी है परन्तु इसी समय हमें यह भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि सभी को गुण के आधार पर शिक्षा मिले।

आत्मनिर्भर होने के लिए निर्यात को बढ़ाने की जरूरत

नितिन गडकरी ने विडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि शक्ति के लिए केवल ज्ञान की ही नही, एक आदर्श नागरिक होने के आधार पर भी शिक्षा मिलनी चाहिए। हमें आत्मनिर्भर बनने के लिए आयात को कम और निर्यात को बढ़ाने की जरूरत है।

उन्होनें सब से अपील करते हुए कहा कि हमें आयात के आधार पर चीजों का उत्पादन करना है। आत्मनिर्भर बनने के लिए हमें विश्वविद्यालयों का उन्नयन करना होगा ताकि देश के बच्चों को पढ़ाई करने के लिए विदेश ना जाना पड़े। इस कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र की एजुकेशन सोसाईटी ने किया था।

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