पहली बार पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास करेगा भारत

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नई दिल्ली : हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की आर्मी पहली बार एक साथ किसी सैन्य अभ्यास में हाथ मिलाने जा रही हैं । ये प्रेक्टिस रूस में एससीओ के तहत शुक्रवार को शुरू हुआ।

इस सैन्य अभ्यास में एससीओ के सदस्य देश रूस, चीन, उज्बेकिस्तान, तजाकिस्तान, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान शामिल हुआ है। हिंदुस्तान और पाकिस्तान को पिछले साल जून में इस संगठन का पूर्णकालिक सदस्य निर्धारित किया गया।

इस सैन्य अभ्यास में रूस के 1700, चीन के 700 और भारत के 200 सैनिक इस हिस्सा ले रहे हैं। चीन में अप्रैल में एससीओ बैठक के समय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात की पुष्टि की थी। ये सभी आठ देश शांति मिशन 2018 के बैनर तले यह अभ्यास कर रहे हैं।

सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा, ‘इस सैन्य अभ्यास से शंघाई सहयोग संगठन में शामिल देशों को आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के लिए प्रशिक्षण मिलेगा। इसी समय सेनाओं के बीच पेशेवर बातचीत, ऑपरेशन्स में आपसी समझदारी, ज्वाइंट कमांड की स्थापना, कंट्रोल स्ट्रक्चर्स और आतंकी खतरों को ख़त्म करने के लिए भी अभ्यास होगा।’

दरअसल आठ सदस्यीय एससीओ विश्व की 40% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है। ग्लोबल जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 20% है। भारत मानता है कि एससीओ सदस्य के तौर पर वो क्षेत्र में बढ़ते आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ा रोल प्ले कर सकता है। ये अभ्यास पहले ही शुरू किया जा सकता था। लेकिन भारत और चीन के बीच तना-तनी के चलते नहीं हो पाया था।

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