भारत ने यूएन में पाकिस्तान के पांच बड़े झूठों की खोली पोल

पाकिस्तानी मिशन की ओर से यूनाइटेड नेशंस (यूएन) में बोले गए झूठ पर भारत ने सोमवार को पाकिस्तान को आइना दिखाया है ।पकिस्तान के भारत ने उनके खिलाफ भाड़े के आतंकी रखे हैं जैसे बयानों को यूएन स्थित भारतीय मिशन ने ट्विट कर हास्यास्पद बताया है।

भारतीय मिशन ने अपने बयान में कहा कि , ‘‘हमने पाकिस्तानी मिशन के संयुक्त राष्ट्र में दिए उस बयान को देखा है, जिसमें दावा किया गया है कि ये बातें पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कही थीं। हम यह समझने में नाकाम हैं कि पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि ने अपना बयान कहां दिया, क्योंकि सुरक्षा परिषद सत्र आज गैर-सदस्यों के लिए खुला ही नहीं था।’’ साथ ही भारतीय मिशन ने ट्विट में पाकिस्तान के पांच बड़े झूठों की कलई खोल कर रख दी है।

पहला झूठ

भारतीय मिशन ने अपने पहले ट्विट में ने लिखा कि “पाकिस्तान ने दावा किया था कि वो दशकों से सीमा पार से फैलाए जा रहे आतंकवाद से पीड़ित है। लेकिन झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं हो जाता। भारत के खिलाफ सीमा पार से आतंकवाद का सबसे बड़ा प्रायोजक अब खुद को भारत की ओर से प्रायोजित आतंकवाद का शिकार बताने का ढोंग कर रहा है।पाकिस्तान ख़ुद संयुक्त राष्ट्र की ओर से घोषित आतंकियों की सबसे बड़ी पनाहगाह है। इनमें से कई का पाकिस्तान में दबदबा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में माना भी था कि उनके देश में 40 से 50 हजार आतंकी मौजूद हैं।’’

दूसरा झूठ

भारतीय मिशन ने अपने दूसरे ट्विट में कहा ,‘‘ पाकिस्तान का दावा है कि इसने अलकायदा को अपने इलाके से हटा दिया है। शायद, पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि को पता नहीं है कि ओसामा बिन लादेन उनके ही देश में छिपा था और अमेरिकी सेना को वह पाकिस्तान में ही मिला था। क्या उन्होंने यह नहीं सुना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लादेन को शहीद कहते हैं।’’

 

तीसरा झूठ

भारतीय मिशन ने अपने अगतले ट्विट में कहा कि “पाकिस्तान के इस दावे पर हंसी आती है कि हमने उसके खिलाफ भाड़े के आतंकी रखे हैं। यह दावा ऐसा देश कर रहा है, जो सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है। जिससे पूरी दुनिया परेशान है।’’

चौथा झूठ

भारतीय मिशन ने अपने चौथे ट्विट में कहा, ‘‘1267 प्रतिबंधों की सूची सबके सामने है। दुनिया देख सकती है कि इनमें से कोई भी व्यक्ति इसमें नहीं है। 1267 समिति सबूतों के आधार पर काम करती है, न कि ध्यान भटकाने के अटकलबाजी वाले आरोपों पर।’’भारतीय मिशन ने इस ट्वीट के जरिये 1267 प्रतिबंधों की लिस्ट में भारतीयों के शामिल होने के पाकिस्तान के दावे को सिरे से खारिज किया।

पांचवां झूठ

भारतीय मिशन ने अपने सबसे आख़िरी और पांचवें ट्विट में कश्मीर मुद्दे साथ ही पाकिस्तान में घटती अल्पसंख्यकों की आबादी का हवाला देते हुए पकिस्तान के भारत के अंदरूनी मामलों पर की जाने वाली टिप्पड़ियों पर भी खरी खोटी सुनाई। मिशन ने लिखा , ‘‘पाकिस्तान भारत के अंदरूनी मामलों को लेकर हास्यास्पद बातें करता है। यह ऐसा देश है जिसकी अल्पसंख्यक आबादी 1947 से बहुत कम हो गई है। यह आज लगभग 3% है। पाकिस्तान केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में वहां की जनता के कल्याण के लिए किए जा रहे कामों के बारे में झूठे आरोप लगाता है।’’

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