5वें दिन भी आर्मेनिया और अजरबैजान में जंग जारी, भारत ने जताई चिंता

नई दिल्लीः मध्य एशियाई देश आर्मेनिया और अजरबैजान में 5वें दिन भी खूनी संघर्ष जारी है। नागोर्नो-काराबाख को लेकर शुरू हुई इस जंग में सैनिकों सहित कई किलर ड्रोन और सैन्य विमानों को ढेर कर दिया गया है। मध्य एशिया में फैली इस अस्थिरता पर भारत ने भी चिंता जाहिर की है।

गुरुवार को आर्मेनिया और अजरबैजान की सीमा पर चल रहे युद्ध के बारे में बात करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि, “हमने अर्मेनिया-अजरबैजान सीमा के नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र में संघर्ष फिर से शुरू होने की अप्रिय खबरें देखी हैं। 27 सितंबर की सुबह से शुरू हुई इस जंग में दोनों पक्षों के लोग हताहत हो रहे हैं।”

भारत का पक्ष रखते हुए श्रीवास्तव कहा कि “भारत मध्य एशियाई में युद्ध की स्थिति को लेकर चिंताग्रस्त है क्योंकि इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को नुकसान पहुंचता है। हम दोनों पक्षों के लिए तत्काल संघर्ष को समाप्त करने, संयम बनाकर रखने और सीमा पर शांति कायम रखने के लिए हरसंभव कदम उठाने की जरूरत दोहराते हैं। भारत का मानना है कि कूटनीतिक बातचीत के जरिये शांतिपूर्ण तरीके से ही संघर्ष का दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सकता है।”

श्रीवास्तव ने कहा कि भारत संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए ‘सुरक्षा और सहयोग संगठन’ (OSCE) मिंस्क समूह के प्रयासों का समर्थन करता है। बता दें कि OSCE मिंस्क समूह अर्मेनिया और अजरबैजान के बीच पर्वतीय क्षेत्र को लेकर संघर्ष का समाधान निकालने का पक्षधर है। इस समूह की सह अध्यता अमेरिका, फ्रांस और रूस करते हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र ने भी आर्मेनिया और अजरबैजान को सीजफायर लागू कर बातचीत के जरिए मसले का हल निकालने का फरमान जारी किया था। आपको बता दें कि दोनों देशों की सीमा पर चल रहे इस युद्ध में करीब 2,700 सैनिक मौत को गले लगा लिया हैं और गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

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