भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का किया सफलतापूर्वक प्रक्षेपण

नई दिल्ली: भारत की रक्षा क्षमताओं को एक और बढ़ावा देने के लिए, देश ने बुधवार शाम को परमाणु-सक्षम सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि -5 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, प्रक्षेपण शाम करीब 7:50 बजे ओडिशा के एपीजे कलाम द्वीप से किया गया।

अग्नि-5 बहुत ही उच्च स्तर की सटीकता के साथ 5,000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। यह तीन चरणों वाले ठोस ईंधन वाले इंजन का उपयोग करता है।बयान में कहा गया है कि लॉन्च भारत की ‘विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता’ की नीति के अनुरूप है जो ‘नो फर्स्ट यूज’ की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

मिसाइल अपने लक्ष्य पर पूरी तरह से निशाना साधती है। अगर किसी कारण से सटीकता में अंतर होता है तो यह सिर्फ 10 से 80 मीटर होगा। हालांकि, यह अंतर मिसाइल के घातक हमलों को कम नहीं करता है। अग्नि-V को लॉन्च करने के लिए ग्राउंड मोबाइल लॉन्चर का उपयोग किया जाता है। इसे ट्रक में लाद कर सड़क मार्ग से कहीं भी ले जाया जा सकता है। वैज्ञानिक एम नटराजन ने पहली बार वर्ष 2007 में अग्नि के बारे में योजना बनाई थी।

अग्नि-V की सबसे खास विशेषता

जानकारों का मानना ​​है कि अगर भारत इस मिसाइल को दागता है तो वह पूरे एशिया, यूरोप, अफ्रीका के कुछ हिस्सों पर हमला कर सकता है। दूसरे शब्दों में आधी दुनिया अपने दायरे में है। अग्नि-V की सबसे खास विशेषता इसकी MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक है। इस तकनीक में मिसाइल पर लगे वारहेड में एक की जगह कई हथियार लगाए जा सकते हैं। यानी एक मिसाइल एक साथ कई लक्ष्यों को भेद सकती है।

19 अप्रैल 2012 को पहल सफल परीक्षण

अग्नि-5 का पहला सफल परीक्षण 19 अप्रैल 2012 को हुआ था। इसके बाद 15 सितंबर 2013, 31 जनवरी 2015, 26 दिसंबर 2016, 18 जनवरी 2018, 3 जून 2018 और 10 दिसंबर 2018 को सफल परीक्षण किया गया। अग्नि-V मिसाइल के 7 सफल परीक्षण, अलग-अलग परीक्षणों में इस मिसाइल का अलग-अलग मापदंडों पर परीक्षण किया गया, जिससे यह बात सामने आई कि दुश्मन को नष्ट करने के लिए मिसाइल सबसे अच्छा हथियार है।

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