रूस से चीन-पाक को परेशान करने वाला सामान लेकर लौटेंगे मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगले हफ्ते होने वाली रूस यात्रा के दौरान कुछ अहम समझौते हो सकते है। भारतीय वायुसेना को 2017 तक पांचवी पीढ़ी का अत्याधुनिक विमान मिल जाने की पूरी उम्मीद है।

इस श्रेणी का विमान दुनिया में अभी केवल अमेरिका के पास है। हालांकि रूस का दावा है कि भारत के साथ संयुक्त रूप से विकसित किया जा रहा पांचवी पीढ़ी का फाइटर जेट अमेरिका के लड़ाकू विमान से काफी बेहतर होगा। रक्षा मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार इस दौरान कई अहम परियोजनाओं में प्रगति के आसार है।

प्रधानमंत्री रूस अंतर सरकारी वार्षिक समिट में हिस्सा लेने के लिए जा रहे हैं। इस दौरान उनकी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ आपसी हितों पर द्विपक्षीय वार्ता होगी।

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रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सौर उर्जा, विज्ञान एवं तकनीकी समेत अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। आर्थिक सहयोग और द्विपक्षी व्यापार को धार देना मुख्य उद्देश्य रहेगा। रूस भारत का विश्वसनीय और पुराना रणनीतिक सामरिक साझीदार देश है।

s400-deployedभारत रूस से एस-400 प्रतिरक्षी मिसाइल प्रणाली, कैमोव 226 सैन्य हेलीकाप्टर का तकनीकी हस्तांतरण, भारत में इसका निर्माण तथा हेलीकॉप्टर लेने के बारे में सौदा हो सकता है। भारत लीज पर एक और परमाणु पनडुब्बी ले सकता है।

इसके अलावा ब्रह्मोस मिसाइल कार्यक्त्रस्म को गति देने के लिए दोनों देशों में चर्चा के आसार हैं। इसके अलावा सुखोई विमानों की गुणवत्ता को लेकर भी चर्चा होगी। यह लड़ाकू विमान 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। वहीं करीब 3600 किलोग्राम का वजन उठा सकता है। इस जहाज में केबिन क्रू के दो सदस्यों के अलावा 7 पैसेंजर इस विमान में बैठ सकते हैं। पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड और रूस की यूनाइटेड एयर कारपोरेशन विकसित कर रही है। यह अत्याधुनिक फाइटर जेट न केवल बमबारी कर सकेगा बल्कि इसमें लड़ाकू विमान की भी खूबिया होंगी। रेडार को चकमा देने में सक्षम होगा।

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