मोबाइल फोन से लार की जांच, भारतीय अमेरिकी वैज्ञानिक ने किया शोध

मोबाइल फोन से लार की जांच, भारतीय अमेरिकी वैज्ञानिक ने किया शोध
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नई दिल्ली : भारतीय अमेरिकी वैज्ञानिक की टीम ने अनोखा अविष्कार किया है जिससे जान कर आप भी बेहद खुश होंगे। टीम ने मोबाइल फोन के से लार के जरिये संक्रामक रोगों और पोषक चीज़ों में कमी का पता लगानी वाली प्रणाली का अविष्कार किया है। इसके लिए एक लाख डॉलर के पुरस्कार से भारतीय अमेरिकी वैज्ञानिक की टीम को सम्मानित किया गया है।

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इस शोध के बाद भारतवंशी सौरभ मेहता के साथ उनकी टीम को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के टेक्नोलॉजी एक्सिलरेटर चैलेंज पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मेहता ने बताया लार से जांच के लिए एक छोटा 3डी-प्रिंटेड एडेप्टर मोबाइल फोन पर लगाकर उसे एक मोबाइल एप से जोड़ा जाता है। इस एप के माध्यम से कैमरे से जांच स्ट्रिप की तस्वीर लेकर मलेरिया, लौह तत्वों की कमी आदि के संबंध में 15 मिनट में परिणाम देता है। मेहता, कॉलेज ऑफ ह्यूमन इकोलॉजी (सीएचई) में पोषण विज्ञान विभाग में वैश्विक स्वास्थ्य, महामारी विज्ञान और पोषाहार के एसोसिएट प्रोफेसर।

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मेहता ने बताया कि बायोमार्कर इस्तेमाल करके मलेरिया जैसे रोगों और शरीर में किसी भी प्रकार की जांच का पता लगाने और उन पर ध्यान देने के लिए यही साबित हो सकता है। उन इलाको में भी इसकी जांच आसानी से हो सकती है जहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच और पारंपरिक प्रयोगशाला आधारित जांच कम होती हैं। दुनिया में कहीं भी नॉन-इनवेसिव, त्वरित और सटीक परिणाम देने से संबंधित है।

 

 

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