भारतीय सेना का बड़ा खुलासा, इसलिए तेंदुए के मल-मूत्र के साथ हुई थी सर्जिकल स्‍ट्राइक

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नई दिल्‍लीः 18 सितंबर 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद बदला लेने के इरादे से इंडियन आर्मी ने पीओके में सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया था। 28-29 सितंबर को हुई इस सर्जिकल स्‍ट्राइक में करीब 30 आतंकी मारे गए थे। बता दें पीओके में भारतीय सेना की ओर से जिस सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया गया था, उसमें तेंदुए के मल और मूत्र का भी प्रयोग किया गया था।

मंगलवार को नगरोटा कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निंबोकर पुणे में सर्जिकल स्‍ट्राइक से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियों को बताया। उरी हमले का बदला लेने के मकसद से सेना ने 28 सितंबर को पीओके में घुसकर सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी और आतंकियों के कैंप्‍स को निशाना बनाया था।

लेफ्टिनेंट जनरल निंबोकर रोचक जानकारियां साझा करते हुए बोले, ‘इस बात की संभावना थी कि जब हम रास्‍ते से गुजरेंगे तो गांव में मौजूद कुत्‍ते हमें देखकर भौंक सकते हैं। मुझे पता था कि कुत्‍तों को तेंदुए से डर लगता है तो हमनें इसलिए तेंदुए का मूत्र अपने साथ रखा। उसने काम किया और कुत्‍ते हमारे करीब नहीं आ सके।’ निंबोकर ने यह बात उस समय बताई जब वह थोर्ले बाजीराव पेशवे प्रतिष्‍ठान में आयोजित एक पुरस्‍कार समारोह में मौजूद थे।

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सर्जिकल स्‍ट्राइक के समय कमांडोज की टीम को मेजर रोहित सूरी को कीर्ति चक्र मिला तो वहीं पांच कमांडोज को शौर्य चक्र मिला वहीं 13 जवानों को सेना मेडल से नवाजा गया।

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