प्रधानमंत्री आवास पर बम होने की झूठी खबर देने पर भारतीय मूल के व्यक्ति को जेल

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सिंगापुरः सिंगापुर के प्रथम प्रधानमंत्री ली क्वान यू के आवास में बम होने की अफवाह फैलाने के सिलसिले में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को चार महीने की सजा दी गई है। 2004 मामले के आरोपी 61 साल के गणेशन सिंगारावेल  पर दूरसंचार अधिनियम के तहत दोष सिद्ध किया गया। गौरतलब है कि गणेशन ने 13 नवम्बर 2004 को शराब पीकर नशे में सार्वजनिक टेलीफोन बूथ से पुलिस को फोन करके प्रधानमंत्री यू के घर के पास बम होने की बात कही थी।

सरकारी उप अभियोजक बेंजामिन सम्यनाथन ने सोमवार को अदालत में कहा कि थाईलैंड दूतावास के पास एक सार्वजनिक टेलीफोन बूथ से आरोपी ने फोन किया था। जबकि फोन पर दिया संदेश स्पष्ट तौर पर झूठा थी वहीं आरोपी को भी इसकी जानकारी थी। उनके मुताबिक फोन आने के बाद पुलिस के एक गश्त दल को गणेशन से पूछताछ करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए भेजा गया था। लेकिन वह पूछताछ के दौरान बेबुनियादी बातें कर रहा था। इस बीच यू के घर के पास तैनात अधिकारियों से सुरक्षा कड़ी करने को कहा गया।

बहरहाल, गणेशन के खिलाफ 16 नवम्बर 2004 को आरोप तय किए जाने दो महीने बाद ही वह सिंगापुर से चंपत हो गया था। उस समय वह पैरोल पर था। उसे पिछले साल ही अमेरिका से गिरफ्तार किया गया था। वहां उसने बताया कि वह सिंगापुर जाना चाहता है। इसके बाद  ही उसे 15 जुलाई को सिंगापुर पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया।

 

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