भारत की इस ओपन जेल में कैदी चलाते हैं कैफे, साल भर की कमाई 3.5 करोड़ रुपये

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शिमला: अपराधियों को जेल में प्रशासन द्वारा सुधारा जाता है ये तो आम बात है, लेकिन कोई ये कहें कि  इन्ही कैदियों से जेल प्रशासन साल भर में करोड़ों कमाता है तो…

जी हां… ये सच है। दरअसल, हिमाचल की एक ओपन जेल में दो साल पहले एक कैफे शुरु किया गया। इस कैफे ने एक ही साल में करोड़ों रुपये  की कमाई की। वित्तीय वर्ष 2017-18 में इस कैफ से 3.5 करोड़ रुपए आये हैं।

कैदी चलाते हैं ओपन जेल में कैफे

दरअसल, शिमला के टाका में स्थित इस ओपन जेल में बुक कैफे नाम का कैफे है। इस कैफे को 135 कैदी चलाते हैं। इसमें ग्राहकों को चाय, कॉफी और फूड आइटम्स के साथ पढ़ने के लिए किताबें भी मुहैया कराई जाती हैं। हत्या के एक मामले में 8 साल से जेल में बंद जयचंद बुक कैफे चलाते हैं। उन्होंने बताया कि कैफे में आने वाले छात्रों, पर्यटकों से बातें करके उनकी जिंदगी में काफी बदलाव आया है। अब उन्हें अपने भविष्य से काफी उम्मीदें हैं।

फूड वैन सर्विर्स भी दे रहे कैदी

बुक कैफे में काम करने वाले कैदी सिर्फ कैफे में ही सर्विस नहीं देते, बल्कि धर्मशाला, शिमला और नाहन में फूड वैन भी चलाते हैं। जेल प्रशासन की इस पहल को लोगों से भी खूब प्यार मिल रहा है। अपराधियों से डरने की बजाय लोग इनसे अच्छी तरह मिलते हैं। साथ ही उनके हाथों के स्वादिष्ट पकवान भी खाते हैं। दिल्ली से आए एक पर्यटक रमेश सिंह के मुताबिक, बुक कैफे की कॉफी मुझे बहुत पसंद आई। उससे भी अहम बात यह है कि ये अलग तरह की कोशिश है। इसे प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

जेल महानिदेशक सोमेश गोयल का था आइडिया

ओपन जेल में कैफे के इस कॉन्सेप्ट को हिमाचल प्रदेश के जेल महानिदेशक (डीजी) सोमेश गोयल ने तैयार किया था। इस कैफे से ऐसे कैदियों को जोड़ा गया है, जिनका व्यवहार जेल में सजा काटने के दौरान काफी अच्छा रहा। कैफे और फूड वैन चलाने वाले कैदियों में ऐसे मुजरिम भी शामिल हैं, जो हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं।

वेबसाइट पर भी मिलते हैं ऑर्डर

गोयल ने बताया कि जेल के कैदी इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के पास फूड वैन लगाते हैं। कैदियों के बनाए गए सामान की मांग पुणे, बेंगलुरु आदि जैसे बड़े-बड़े शहरों से भी आती है। इसके लिए ‘कारा बाजार’ नाम से वेबसाइट बनाई गई है।

जेल प्रशासन फैक्ट्री बनाने की कर रहा प्लानिंग

कैफे कॉन्सेप्ट के सफल होने के बाद अब जेल प्रशासन हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एक फैक्ट्री बनाने की प्लानिंग कर रहा है। इसमें कैदी हैंडीक्राफ्ट, बेकरी, कुर्सी-मेज आदि सामान बनाएंगे। इन्हें बाद में बिक्री के लिए शिमला के साथ-साथ दूसरे शहरों में भेजा जाएगा। आपको बता दें कि हिमाचल में दो जिला और दो केंद्रीय कारागार समेत कुल 14 जेल हैं। इनमें करीब 2 हजार कैदी अलग-अलग अपराधों की सजा काट रहे हैं।

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