भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने किया कमाल, अब पटरियों पर सरपट दौड़ेगा अस्पताल

इंडियन रेलवे ने बहुत बड़ी पहल करते हुए दुनिया की पहली हॉस्पिटल ट्रेन बनाई है। पूरी दुनिया में अभी तक किसी भी देश ने इस प्रकार की स्पेशल ट्रेन नहीं बनाई है।

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने अबतक कई ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिनसे लोगों को काफी सुविधा मिली है। लेकिन भारतीय रेलवे ने जो अब कर दिखाया है उसने सभी का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है। आपको बता दें कि रेलवे ने एक खास ट्रेन बनाकर इतिहास के पन्नो पर अपना नाम दर्ज कर दिया है। इंडियन रेलवे ने बहुत बड़ी पहल करते हुए दुनिया की पहली हॉस्पिटल ट्रेन बनाई है। पूरी दुनिया में अभी तक किसी भी देश ने इस प्रकार की स्पेशल ट्रेन नहीं बनाई है।

रेलवे के मुताबिक इस हॉस्पिटल ट्रेन को ‘लाइफलाइन एक्सप्रेस’ (Lifeline Express) नाम दिया गया है और इस ट्रेन में एक हॉस्पिटल की तरह ही सुविधाएं उपलब्ध हैं। रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने ट्विटर के जरिए हॉस्पिटल ट्रेन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। रेलवे द्वारा शेयर की गई इन तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह ट्रेन सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है।

क्या है इस ट्रेन को बनाने का मकसद

यह ट्रेन इलाज से वंचित लोगों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराती है। लाइफलाइन एक्सप्रेस (Lifeline Express) का प्रमुख मकसद, देश के दुर्गम इलाके जहां मेडिकल सुविधाएं नहीं हैं और बच्चे और बुजुर्ग अस्पताल तक नहीं पहुंच सकते, ऐसे लोगों तक मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना है। सात कोच वाली देश की पहली हस्पताल ट्रेन ‘लाइफलाइन एक्सप्रेस’ (Lifeline Express) अब तक देश के दूरदराज के स्थानों पर लगभग 12 लाख से अधिक रोगियों को चिकित्सा सुविधा प्रदान कर चुकी है। जिनमें महज़ सर्जरी के ही 1.46 लाख मामले शामिल हैं।

गौरतलब है कि लाइफलाइन एक्सप्रेस ने अब तक भारत के 19 राज्यों की यात्रा की है और 138 जिलों में 201 ग्रामीण स्थानों का दौरा किया है। जानकारी के मुताबिक लाइफलाइन एक्सप्रेस ट्रेन असम के बदरपुर स्टेशन पर तैनात है।

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‘लाइफलाइन एक्सप्रेस’ की खासियत

रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन की प्रत्येक बोगी एयर कंडीशन्ड है। इनमें तीन ऑपरेशन टेबल वाला एक ऑपरेशन थिएटर है। ट्रेन में नसबंदी जैसे प्रोग्राम के लिए भी एक रूम है। ट्रेन की बोगियों में मेडिकल वार्ड के अलावा पॉवर जेनरेटर, पैंट्री कार और चिकित्सीय सामग्री का स्टोर भी बनाया गया है। ट्रेन के स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ऑपरेशन थिएटर में कटे होठ, पोलियो, मोतियाबिंद और नसबंदी जैसे ऑपरेशन किए जाते हैं। प्लास्टिक सर्जरी, ईएनटी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज भी यहां अब होने लगा है। यही नहीं मेडिकल टीम के आराम का भी ट्रेन में पूरा ख्याल रखा गया है।

कैसे काम करती है लाइफलाइन एक्सप्रेस

देश के ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में मरीजों का एक खाका बनाया जाता है और फिर उसके हिसाब से इलाज किया जाता है। उसके बाद लाइफलाइन एक्सप्रेस को कैंप वाले इलाके में पहुंचाया जाता है। दी हुई तारीख के अनुसार फिर मरीजो का चेकअप और सर्जरी की जाती है। इस काम में बड़ी-बड़ी कंपनियां सीएसआर के तहत अपना योगदान देती हैं और इसके लिए मरीजों से किसी भी तरह का कोई भी शुल्क नहीं वसूला जाता। इसे इम्पैक्ट इंडिया फांउडेशन, भारतीय रेलवे और हेल्थ मिनिस्ट्री के सहयोग से चलाया जा रहा है।

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