भारतीय टीम का युवा ओपनिंग बल्लेबाज, बन सकता है दूसरा Virender Sehwag

‘शॉ के पास वह क्षमता है, जो भारतीय टीम के लिए वीरेन्द्र सहवाग करते थे।

नई दिल्ली: भारतीय टीम के युवा ओपनिंग बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने एक बार फिर अपने बल्लेबाजी के शानदार प्रदर्शन से सभी क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीतने का काम किया है। शॉ बीते साल ऑस्ट्रेलिया ( Australia ) दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम ( Indian Test Team ) का हिस्सा था लेकिन वह एडिलेड टेस्ट ( Adelaide test ) में फ्लॉप होने के बाद टीम इंडिया से बाहर हो गए। हालांकि इसके बाद ही शॉ ने अपनी तकनीकी खामियों पर तुरंत काम किया और घरेलू सीजन में जमकर रन कूटकर एक बार फिर अपने नाम का डंका बजा दिया।

आपको बता दें कि इस बार IPL 2021 में पृथ्वी शॉ लगभग हर पारी में अपने बल्लेबाजी का दम दखाया है। हालांकि इसके बावजूद वह वर्ल्ड टेस्ट सीरीज ( ICC World Test Series ) और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चयनकर्ताओं को इतना प्रभावित नहीं कर पाए कि उन्हें भारतीय टीम में जगह मिले। लेकिन पूर्व भारतीय चयनकर्ता और पूर्व खिलाड़ी सरनदीप सिंह शॉ ( Sarandeep Singh ) को नजरअंदाज करने के चयनसमिति के फैसले से हैरान हैं। उन्होंने कहा कि शॉ जैसे काबिल बल्लेबाज को नजरअंदाज करना जल्दबाजी होगी।

पृथ्वी शॉ को न करें नजरअंदाज

सरनदीप का कार्यकाल इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ ही समाप्त हुआ था। पीटीआई-भाषा से बात करते हुए शॉ की तारीफ में उन्होंने कहा, ‘शॉ के पास वह क्षमता है, जो भारतीय टीम के लिए वीरेन्द्र सहवाग करते थे। आप उन्हें उनके करियर में इतनी जल्दी नजरअंदाज नहीं कर सकते। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद टीम से बाहर होने के बाद घरेलू क्रिकेट में काफी रन बनाए। उन्होंने अपनी तकनीकी खामियों को भी ठीक किया है और इसे इंडियन प्रीमियर लीग में भी देखा जा सकता था।’

उन्होंने कहा, ‘आपको शॉ और शुबमन गिल के जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का समर्थन करना होगा.’ सरनदीप ने इंग्लैंड दौरे के लिए चार स्टैंडबाई खिलाड़ियों के चयन पर भी सवाल उठाया. स्टैंडबाई खिलाड़ी के तौर पर अभिमन्यु ईश्वरन, आवेश खान, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्जन नागवासवाला भारतीय टीम के साथ जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘प्रियांक पांचाल ने भारत A के लिए न्यूजीलैंड में शतक लगाया. आपने उनका चयन नहीं किया आपने देवदत्त पडीक्कल को नहीं चुना है, जिन्होंने काफी रन बनाए। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के लिए जयदेव उनादकट (Jaidev Unadkat) को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है यह समझ से परे है. उसने पिछले रणजी सीजन में रिकॉर्ड 67 विकेट लिए हैं।

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