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International Day of Happiness : जानिए क्यों मनाया जाता है ये दिन, क्या है इस साल की थीम

ख़ुशी को सेलिब्रेट करने के लिए भी International day of happiness बनाया गया है। यह लोगों में खास जागरुकता फैलाने का दिन है।

नई दिल्ली : हमेशा अपने चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान रखना बहुत ही अद्भुत आर्ट मानी जाती है। और इस आर्ट को बरक़रार रखने के लिए हर कोई अपना-अपना नुस्खा आज़माता है। कोई खुश रहने के लिए फनी विडोयोज़ देखता है तो किसी को दूसरों के चेहरों पर मुस्कान देखकर ख़ुशी मिलती है। अब दुनिया भर जैसे हर चीज के लिए एक दिन रखा गया है। वैसे ही ख़ुशी को सेलिब्रेट करने के लिए भी International day of happiness बनाया गया है। United Nations 20 मार्च को हर साल International day of happiness मनाता है। यह लोगों में खास जागरुकता फैलाने का दिन है। आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों किया जाता है।

क्यों मनाया जाता है ये दिन

साल 2013 में United Nations ने 20 मार्च को International day of happiness मानना शुरू किया था। United Nations इस दिन को दुनिया भर के लोगों में खुशी के महत्व समझाने के लिए मनाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 जुलाई 2012 को इसे मनाने का संकल्प लिया था। International day of happiness मशहूर समाज सेवी जेमी इलियन के प्रयासों का नतीजा था। जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के लिए इस दिवस को मनाने का प्रण लिया था। उन्हीं के विचारों ने United Nations के महासचिव जनरल बान की मून को प्रेरित किया और अंततः 20 मार्च 2013 को International day of happiness घोषित किया गया। जिसके बाद से हर साल यह दिवस मनाया जा रहा है।

United Nations के लक्ष्यों में ‘खुशी’ का स्थान

United Nations ने साल 2015 में 17 संवहनीय विकास लक्ष्यों की घोषणा की थी जो गरीबी खत्म करने, असमानता को कम करने और हमारे प्लैनेट की रक्षा करने के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह तीन प्रमुख पहलू अच्छे जीवन और खुशी के लिए बहुत जरूरी माने गए हैं। संयुक्त राष्ट्र का यह भी मानना है कि दुनिया में संधारणीय विकास, गरीबी उन्मूलन, और आर्थिक विकास में समानता, समावेशता और संतुलन खुशियों को बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी है। लोगों को जीवन और जीने के तरीकों में यह नजरिया शामिल करने की सख्त जरूरत है।

क्या है साल 2021 की थीम

संयुक्त राष्ट्र के हर दिवस के लिए हर साल एक नई थीम जारी की जाती है जिसके आधार पर ही वह दिवस मनाया जाता है। यानि उसी थीम से जुड़ी चीज़ें करके हम उस दिन को मनाते हैं। कोरोना महामारी का स्तर एक बार फिर बढ़ता नज़र आ रहा है इसी को ध्यान में रखते हुए इस साल की थीम ‘शांत रहें, बुद्धिमान रहें’ और दयालु रहें रखी गई है।

इस साल भी कोविड-19 का प्रभाव लगातार जारी है। लेकिन अगर पिछले साल की बात करें तो इस महामारी से न जाने कितने ही लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस थीम को रखने के पीछे का उद्देश्य कोरोना महामारी के चलते उपजे निराशा के बादलों के बीच खुशी की गरमाहट को खोजने के लिए खुद को प्रेरित करना है।

चाहे दुनिया के विकासवादी आर्थिक लक्ष्यों के पीछे भागती सरकार हों या फिर खुद के हालात बेहतर करने में लगे लोग सभी की ख़ुशी आजकल की भागदौड़ में मानो छूटती जा रही है। International day of happiness को मनाना सार्थक हो सकता है जब हम अपने लक्ष्यों की एक बार समीक्षा करें, तो यह ध्यान रखें कहीं वह खुशी तो नहीं छूट रही है।

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