International Everest Day 2021: जानें पर्वतों की रानी Mount Everest का इतिहास, कौन है पर्वतारोहण का कालपुरुष?

अंतर्राष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस हर साल 29 मई के दिन मनाया जाता है, इस दिन न्यूजीलैंड के ‘सर’ एडमंड हिलेरी और नेपाल के तेनजिंग नोर्गे ने माउंट एवरेस्ट पर पहली चढ़ाई की थी

नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस (International Everest Day) हर साल आज ही के दिन यानी कि 29 मई को मनाया जाता है। यह दिन न्यूजीलैंड के ‘सर’ एडमंड हिलेरी (‘Sir’ Edmund Hillary) और नेपाल के तेनजिंग नोर्गे (Tenzing Norgay) के द्वारा माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) के पहले शिखर पर चढ़ाई करने की याद में मनाया जाता है। 29 मई 1953 को उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर पहली चढ़ाई की थी।

पहली बार एवरेस्ट फतह

‘सर’ एडमंड हिलेरी (‘Sir’ Edmund Hillary) ने पहली बार एवरेस्ट फतह करके वहां जाने वालों के सपनों को उडा़न और हौसला दिया उनके बाद एवरेस्ट पर जाने वाले भी उसी सम्मान के पात्र हैं जिसके हकदार एडमंड हिलेरी रहे। सर एंडमंड हिलेरी और नेपाल के पर्वतारोही शेरपा तेनजिंग नॉर्गे ने 29 मई 1953 में मांउट एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की थी।

हिलेरी जब 1935 में स्कूल के एक पर्वतारोहण दल में शामिल हुए तब कोई नहीं कह सकता था कि कमजोर-सा दिखने वाला एक छात्र ज़बर्दस्त इच्छाशक्ति का धनी है और मधुमक्खी पालन से जीविकापार्जन में लगा यह बालक जिंदगी में कुछ और ही करना चाहता है। हिलेरी ने अपने पर्वतारोहण के शौक की शुरुआत न्यूजीलैंड की चोटियां चढ़ने से की और इसके बाद उन्होंने हिमालय को चुनौती देने की ठानी। हिमालय पर्वत श्रृंखला की 20,000 फुट से अधिक ऊंचाई की 11 विभिन्न चोटियाँ फतह करने के बाद उनमें गजब का आत्मविश्वास पैदा हुआ।

पर्वतारोहण के कालपुरुष

हिलेरी 1951 में एवरेस्ट फतह करने एवरेस्ट रिकनेसेन्स एक्सपीडीशन के सदस्य के रूप में शामिल थे, तब अभियान उस दल के नेता ‘सर’ जान हंट की नजर हिलेरी पर पड़ी। मई में जब अभियान साउथ पीक तक पहुँचा तो केवल दो सदस्यों को छोड़कर शेष सदस्य थकान के कारण वापस लौटने को मजबूर हो गए थे। ये दो थे हिलेरी और नेपाली पर्वतारोही तेंजिग नोर्वे। और इसके बाद 29 मई 1953 को समुद्र की सतह से 29,028 फुट ऊंची चोटी को चूमकर वे पर्वतारोहण के क्षेत्र के कालपुरुष हो गए।

तेन्जिंग नॉरगे (Tenzing Norgay) एक नेपाली पर्वतारोही थे जिन्होंने एवरेस्ट और उत्तराखंड में केदारनाथ के प्रथम मानव चढ़ाई के लिए जाना जाता है। न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी के साथ वे पहले व्यक्ति हैं जिसने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहला मानव कदम रखा।

पर्वतों की रानी

माउंट एवरेस्ट पर्वत (Mount Everest) दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत शिखर है, जिसकी ऊंचाई 8,848.86 मीटर है। यह हिमालय का हिस्सा है। पहले इसे XV के नाम से जाना जाता था। माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई उस समय 29,002 फीट या 8,840 मीटर मापी गई थी। वैज्ञानिक सर्वेक्षणों में कहा जाता है कि इसकी ऊंचाई प्रतिवर्ष 2 से.मी. के हिसाब से बढ़ रही है। नेपाल में इसे स्थानीय लोग सगरमाथा (अर्थात स्वर्ग का शीर्ष) नाम से जानते हैं, जो नाम नेपाल के इतिहासविद बाबुराम आचार्य ने सन् 1930 के दशक में रखा था। तिब्बत में इसे सदियों से चोमोलंगमा अर्थात पर्वतों की रानी के नाम से जाना जाता है।

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