Intolerance और Startup दोनों को एक साथ लेकर नहीं चल सकते मोदी

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Intolerance और Startupमुंबई। Intolerance और Startup पर बोलते हुए कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर बीजेपी को निशाने पर लिया है। उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार Intolerance और Startup दोनों को एक साथ लेकर नहीं चल सकती। राहुल ने कहा कि स्‍टार्टअप के लिए एक इकोसिस्‍टम की जरूरत होती है। यानि ऐसा माहौल जहां एंट्रापेन्‍योर को आगे बढ़ने का मौका मिले। लेकिन इसकी राह में चुनौतियां भी कम नहीं हैं।

Intolerance और Startup पर बीजेपी और कांग्रेस में फर्क

राहुल गांधी आज मुंबई के नरसी मोंजी इंस्‍टीट्यूट में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि Intolerance और Startup साथ-साथ नहीं चल सकते। बीजेपी और कांग्रेस में एक फर्क है। बीजेपी सबको हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई में बांटकर देखती है लेकिन कांग्रेस के लिए सब भारतीय हैं।

राहुल ने स्टार्टअप की चुनौतियां गिनाते हुए कहा कि भारत में बहुत बाधाएं हैं। पैसा, रेगुलेशन और लालफीताशाही इसकी सबसे बड़ी चुनौतियां हैं और पैसा है नहीं। यदि आप लीड करना चाहते हैं, बदलाव लाना चाहते हैं तो आपको समझना पड़ेगा कि दुनिया में सबकुछ कनेक्टेड है। खेती, इंडस्ट्री, स्टार्टअप सब आपस में जुड़े हैं। यदि आप लीड करना चाहते हैं और समस्याएं सुलझाना चाहते हैं तो सीमाओं में न बंधें। अपने लिए कोई बाउंड्री न बनाएं और किसी संकीर्ण सोच में फंसें।

उन्‍होंने कहा कि छोटे बिजनेस में बहुत संभावनाएं हैं। आप अपना बिजनेस खड़ा करना चाहते हैं तो आपकी सरकार ऐसी होनी चाहिए जो आपको अपना बिजनेस खड़ा करने दे।

राहुल गांधी ने जीएसटी बिल पर बोलते हुए कहा कि बीजेपी ने ही जीएसटी को रोक रखा है। सबसे पहले कांग्रेस ही जीएसटी बिल लेकर आई थी। बीजेपी ने हमारा हर वह काम रोका, जिसे वह रोक सकती थी। संसद की कार्यवाही में बाधा डालाना कांग्रेस का तरीका नहीं। जेटली जी ने एक बार इंग्लैंड में एक इंटरव्यू में स्वीकारा था कि संसद की कार्यवाही रोकना बीजेपी की रणनीति है।

उन्‍होंने कहा कि हम ऐसा जीएसटी नहीं चाहते हैं जहां अधिकतम टैक्स की कोई सीमा ही न हो। हम चाहते हैं कि लोगों से वसूले जाने वाले अधिकतम टैक्स की एक लिमिट तय हो। बीजेपी ने यह काम 10 साल तक किया। उसने 10 साल तक संसद की कार्यवाही में बाधा डाली और अब हम पर ही बाधा डालने का आरोप लगा रही है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर भी काफी सख्त टिप्पणी की। राहुल ने डोभाल पर निशाना साधते हुए कहा कि एनएसए का काम रणनीति बनाना है, लागू करना नहीं। लेकिन, पठानकोट हमले में एनएसए ने सरकार को भरोसे में लिये बिना ऑपरेशन को अंजाम दिया। गौरतलब है कि पठानकोट आतंकी हमले के बाद एनएसए पर विपक्ष पहले भी सवाल उठा चुका है।

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