वैश्विक रुख, विनिर्माण के आंकड़े और कोरोना वैक्सीन की खबर पर रहेगी निवेशकों की नजर

बीते सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिवाल बने रहने और भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीेजों से बनी सकारात्मकता के दम पर घरेलू शेयर बाजार ने दो फीसदी से अधिक की साप्ताहिक बढ़त हासिल की।

मुंबई: बीते सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिवाल बने रहने और भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीेजों से बनी सकारात्मकता के दम पर घरेलू शेयर बाजार ने दो फीसदी से अधिक की साप्ताहिक बढ़त हासिल की।

गत सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 929.83 अंक यानी 2.11 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 45,079.55 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 289.60 अंक यानी 2.23 प्रतिशत उछलकर 13,258.55 अंक पर पहुंच गया।

समीक्षाधीन अवधि में दिग्गज कंपनियों की अपेक्षा मंझोली और छोटी कंपनियों में अधिक लिवाली हुई। निवेशकों ने पूरे सप्ताह के दौरान छोटी और मंझोली कंपनियों में जमकर पैसा लगाया जिससे बीएसई का मिडकैप 474.37 अंक यानी 2.80 प्रतिशत बढ़कर 17,389.02 अंक पर पहुंच गया। स्मॉलकैप भी 442.14 अंक यानी 2.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,317.29 अंक पर पहुंच गया।

बाजार विश्लेषकाें का कहना है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के नीतिगत दरों को स्थिर रखने की घोषणा का असर अगले सप्ताह भी बाजार पर रहेगा। इसके अलावा अगले ही सप्ताह विनिर्माण के आंकड़े भी जारी होने हैँ, जिस पर निवेशक नजर बनाये रखेंगे। कोरोना वैक्सीन से जुड़ी खबरों तथा वैश्विक रुख भी निवेश धारणा को प्रभावित करेंगे।

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