2021 के शुरआती दौर में ही IPO ने दिया निवेशकों को झटका

नई दिल्ली : इस सत्र के आम बजट से पहले ही शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है। 2021 के शुरआती दौर में ही IPO का शेयर मार्केट (stock market) में 4 फीसदी की गिरावट के साथ सुस्त आगाज हुआ है। शुक्रवार को IPO में भारतीय रेल वित्त निगम लिमिटेड (IRFC) की भी लिस्टिंग हुई है। लेकिन नए साल के शुरआती चरण में IPO ने निवेशकों को निराश किया है।

भारतीय रेल वित्त निगम लिमिटेड की प्रारम्भिक पब्लिक सेक्टर (IPO) को जनवरी माह की शुरुआत में 3.49 गुना अंशदान मिला है। प्रथम जन प्रस्ताव (Initial public offering) के लिए 25-26 रुपये प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया गया था। लेकिन कंपनी की लिस्टिंग इससे भी कम कीमत पर हुई है। हालाकिं जानकारों का मानना है कि लंबे समय अंतराल में इससे अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

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18 जनवरी को IRFC का 4,633 करोड़ रुपये का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खोला गया था और 20 जनवरी को बंद कर दिया गया। कंपनी ने IPO के जरिये 1,24,75,05,993 शेयरों के लिए बोलियां आमंत्रित की थी, जिसे उम्मीद से ज्यादा 4,35,22,57,225 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं है।

IRFC का BSE पर शेयर 25 रूपये के अनुसार 3.84 फीसदी की गिरावट के साथ 24.90 रुपये पर शुरू हुआ और अंत तक गिरावट जारी रही।

IRFC करता है रेलवे का सहयोग

बता दें कि भारतीय रेल वित्त निगम IPO से कमाए पैसे का उपयोग अपनी जरूरतों को पूरा करने और कॉर्पोरेट व विजनेस को बड़ा करने में करेगी। IRFC सार्वजनिक निगम की पहली रेलवे मंत्रालय के तहत नॉन-बैंकिंग (NBFC) कंपनी है। रेलवे मंत्रालय इसको ‘ए’ लिस्टेड में शामिल किया है। इसकी स्थापना 1986 में हुई थी, इसका प्रमुख कार्य बाजार से पैसे उठाकर रेलवे को अधिग्रहण या संपत्तियों को जुटाने में सहयोग करना।

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