ईरानी विमानों को ईंधन से इंकार किया जा सकता है, सामने आई ये वजह

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तेहरान। अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के तहत ईरानी एयरलाइनों के विमानों को कुछ विदेशी हवाईअड्डों पर ईंधन देने से मना किया जा सकता है। ईरान की प्रमुख विमानन कंपनी, ईरान एयर ने शनिवार को यह बात कही। समाचार एजेंसी तसनीम के मुताबिक, ईरान एयर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी फरजानेह शराफबाफी ने ईरानी विमानों के उड़ान में देरी पर न्यायिक अधिकारियों के साथ उनकी बैठक के दौरान यह बातें कही। उन्होंने कहा कि ईरान के विमानों के बेड़े की औसत आयु 24 साल है और इराक, अफगानिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों के नागरिक विमानों की हालत ईरान से बेहतर है।

शराफबाफी ने कहा, “लोगों को ऐसे उद्योग से ज्यादा उम्मीद नहीं करनी चाहिए, जिसे अतीत में अच्छी तरह से मदद नहीं दी गई है।”ईरान को विमानों के कलपूर्जो को भी भविष्य में बदलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका ने अगले महीने से नए प्रतिबंधों को लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि देश के ईंधन की आपूर्ति के लिए सुटकेस में नगदी रखकर चलना होगा।

महत्वपूर्ण ईरान परमाणु समझौता होने के बाद पिछले दो सालों से ईरान ने प्रमुख विमान निर्माताओं से अपने विमानों के पुराने पड़ते जा रहे बेड़े के नवीनीकरण के लिए गहन वार्ता की है, जिनमें बोइंग, एयरबस और एटीआर शामिल हैं। इसके बाद अमेरिका की सरकार ने साल 2018 में यह समझौता रद्द कर दिया। ईरान ने एयरबस से 118 वाणिज्यिक विमान, बोइंग से 100, साथ ही कई एटीआर टर्बोप्रॉप्स खरीदने के लिए समझौता किया था। हालांकि अमेरिका द्वारा समझौता रद्द करने और नए प्रतिबंध लगाने के बाद ये सौदे खटाई में पड़ सकते हैं।

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