क्या यही है मोदी के रामराज्य की शुरुवात

जैसा की आप जानते हैं भारत देश में कोविड टीकाकरण के दूसरे चरण में शुरू हो चुका है और कोरोना वारियर्स के बाद अब नंबर है सीनियर सिटिज़न्स का। वैक्सीन के दूसरे चरण को रफ़्तार देते हुए प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) ने दिल्ली एम्स में वैक्सीन की पहली खुराक लगवाई। आप को बताते चलें की उनको कोवाक्सिन का टीका दिया गया है।

सीनियर सिटीजन में आने वाले सुप्रीम कोर्ट जजों का भी आज से वैक्सीनेशन होना है जिस में एक छोटा सा पेंच है।

असल में मसला ये है की जजों ने अपने परिवार की सेहत को ध्यान में रखते हुए सरकार से कोविड के मौजूदा टीकों में से अपने अनुसार चयन की अनुमति मांगी थी जिस के जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी को भी टीकों के बीच चयन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी । समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से कोविन एप्प सिस्टम ही के माध्यम से की जाएगी । इस में किसी को भी कोई वरीयता नहीं दी जाएगी।

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आप को बताते चलें मौजूदा समय में भारत में दो वैक्सीन इस्तेमाल में हैं जिनमे पहली है कोवाक्सिन जिसे भारत बायोटेक ने बनाया है और दूसरी है कोविडशील्ड जिसको सीरम इंस्टिट्यूट ने विकसित किया है। सीनियर सिटीजन में जो लोग भी वैक्सीन के इक्छुक हैं वो कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। अधिकारियों ने बातचीत मे बताया कि दूसरे चरण में टीकाकरण के लिए सीनियर सिटिज़न वर्ग में लगभग 43 लाख लोग हैं जिन का टीकाकरण होना है। टीकाकरण के लिए उन्हें सिर्फ अपने फोटो पहचान पत्र को टीका केंद्र में ले जाने की आवश्यकता है।

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यूँ तो सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण की सभी सुविधाएँ पूरी तरह से मुफ्त है, लेकिन सरकार ने तय किया है कि टीकाकरण के लिए निजी अस्पतालों का रुख करने वाले लोगों से प्रति शॉट 250 रुपये तक ही लिया जाए । सरकार ने कोविद वैक्सीन की प्रत्येक खुराक की कीमत 150 रुपये तय की है और निजी अस्पतालों को सेवा शुल्क के रूप में 100 रुपये तक ही लेने की अनुमति दी है।

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