उत्तराखंड में सेना के गेट पर मिला ISI का लेटर बम

0

देहरादून/रुड़की। उत्तराखंड में आतंकी खतरे की आशंका कम होती नहीं दिख रही। रुड़की में सेना के गेट पर ISI का लेटर बम मिलने के बाद पुलिस और खुफिया विभाग सक्रिय हो गए हैं। और उस शख्स की तलाश कर रहे हैं जिसने इस चिट्ठी को यहां तक पहुंचाया। आशंका जताई जा रही है कि ISI का लेटर बम पाकिस्तान से ही आया है। और नजर बचाकर किसी ने इस चिट्ठी को सेना के गेट पर फेंका होगा। फिलहाल छावनी क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गयी है और सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिया गया है।

ये भी पढ़ें – ISIS के चार आतंकी गिरफ्तार, अर्द्धकुंभ हमले की थी साजिश

ISI का लेटर बम 1

ISI का लेटर बम मिलने से खतरे की आशंकाएं बढ़ीं

पंजाब के पठानकोट में आतंकी हमले के बाद से ही हरिद्वार में हो रहे अर्द्धकुंभ की संवेदनशीलता बढ़ गई थी। आईबी की सतर्कता के चलते ही 19 जनवरी को रुड़की के मंगलौर क्षेत्र से आईएस के चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी भी की गयी। उसके बाद से अर्द्धकुंभ क्षेत्र और आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे और आशकाएं भी काफी बढ़ गयी थीं। आईबी के इनपुट पर पकड़े गए चार युवकों से हुई पूछताछ में उनके अन्य सहयोगियों के शामिल होने की बातें सामने आने के बाद खुफिया विभाग और सक्रिय हो गया है। फरार मोहसिन और कोलकाता के एक युवक समेत कई संदिग्ध खुफिया विभाग के रडार पर हैं।

ये भी पढ़ें – हिन्दू स्वाभिमान सेना करेगी ISIS का खात्‍मा

ISI का लेटर बम 3

ध्यान भटकाने की साजिश तो नहीं!

इन सारी परिस्थितियों के बीच पाक खुफिया एजेंसी ISI का लेटर बम मिलने से नई हलचलें पैदा हो गयी हैं। इस संदिग्ध चिट्ठी पर न तो किसी का पता है और न ही किसी डाकखाने की मुहर है। इससे इतना तो साफ हो गया है कि इस चिट्ठी को किसी संदिग्ध ने ही नजर बचाकर सेना के गेट पर रखा है। इसमें भी कोई हैरत नहीं कि ये कोई आईएसआई का एजेंट ही हो। पूरे मामले पर एसपी देहात प्रमेन्द्र डोबाल ने कहा कि इस संदिग्ध चिट्ठी को पुलिस और खुफिया विभाग गंभीरता से ले रहा है। चिट्ठी सेना के गेट तक कैसे पहुंची और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है, इसकी भी पूरी गहराई से पड़ताल की जा रही है।

ISI का लेटर बम के असल सच से पर्दा तो जांच के बाद ही उठेगा। लेकिन इस चिट्ठी ने पुलिस और खुफिया विभाग की नीदें जरूर उड़ा दी हैं। संदिग्ध चिट्ठी मिलने के बाद से कई सवाल भी उठ रहे हैं। इस चिट्ठी को आईएस मॉडयूल्स की गिरफ्तारी से ध्यान भटकाने की साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि ये चिट्ठी पहले से रडार पर चल रहे संदिग्धों से ध्यान हटाने की साजिश का ही एक हिस्सा हो सकती है।

loading...
शेयर करें