ISIS ने आधी कर दी सैलरी, अब कहां मिलेगी जिहादियों को नौकरी

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ISIS (इस्‍लामिक स्‍टेट) ने अपने जिहादियों की सैलरी कम कर दी है। इसका फरमान भी जारी किया गया है। ISIS ने अपने जिहादियों की सैलरी का आधा हिस्‍सा काटने का फैसला लिया है। अब यह संगठन अपने हर जिहादी को सैलरी के तौर पर महज 100 पाउंड देगा।

ISIS

ISIS को झटका

ISIS की ओर से जारी डाक्‍युमेंट में इस फैसले का जिक्र हैं। इस्‍लामिक स्‍टेट के राजस्‍व विभाग ने यह फरमान जारी किया है। हालांकि यह नहीं बताया गया है कि सैलरी किन वजहों से कम की गई है।

वहीं, माना जा रहा है कि यह फैसला लेने के पीछे एक मजबूरी है। ISIS को इधर कई इलाकों से पीछे हटना पड़ा है। अमेरिकी हमले के कारण यह हालात पैदा हुए हैं। इस्‍लामिक स्‍टेट को इन हमलों में भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों के कारण इस्‍लामिक स्‍टेट को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हुआ है। इसी वजह से जिहादियों की सैलरी घटाने का फैसला लिया गया है।

ISIS

सैलरी का यह नुकसान IS का हर आदमी उठाएगा, फिर चाहे वो एक छोटा सैनिक हो या कोई बड़ा सूबेदार। जेरूसलम पोस्‍ट के मुताबिक ISIS अपने अधिकार वाले इलाकों में मुस्लिमों का कई तरह के टैक्‍स लगाता है। इसी पैसे को सैलरी के तौर पर दिया जाता है।

अब तक 200 पाउंड सैलरी के तौर पर दिए जाते थे। लेकिन अमेरिकी और ब्रिटिश हमले के बाद ISIS का कई इलाकों से सफाया हो गया है। इसी वजह से संगठन को मिल रहा टैक्‍स अब कम हो गया है।

बता दें कि दिसंबर में अमेरिका ने IS के कई ठिकानों पर हमला किया था। ISIS के तेल के ठिकानों पर अमेरिका और ब्रिटेन ने कब्‍जा कर लिया। उधर, इराक की सेना ने भी इस्‍लामिक स्‍टेट को कई शहरों से खदेड़ दिया है। रामादी शहर के अलावा पश्चिमी बगदाद को भी इस्‍लामिक स्‍टेट के शिकंजे से छुड़ा लिया गया है।

खबरों के मुताबिक बीते महीने IS ने 52 मिलियन पाउंड कमाए थे। इस कमाई में जबरन वसूला जा रहा टैक्‍स, तेल ठिकानों से होने वाली खरीद-फरोख्‍त शामिल है।


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