आईएस का फरमान अधर्मी को मारकर खा जाओ

ISIS-1इस्लाम के नाम पर और इस्लामी व्यवस्था के पोषण के नाम पर इस्लामिक स्टेट की बर्बरता के अब तक हुए खुलासों में सभी निंदनीय रही हैं लेकिन इसके नीति निर्माताओं द्वारा एक साल पहले जारी जिस फतवे का हाल में खुलासा हुआ है उसने तो सारी हदें तोड़ दीं। आदिम युग के इस नरभक्षी समाज को चाहता है आईएस। यह तो कल्पना से भी परे भयावह है।

हिन्दू धर्म में जिन नरभक्षी राक्षसों की कल्पना की गयी थी यह तो उसी का विकृत रूप हैं। यह कोई लेख नहीं है न उपदेश हैं। हम आप को बताने और दिखाने जा रहे हैं आईएस का घिनौना चेहरा।

29 जनवरी, 2015 को जारी इस्लामिक स्टेट का फतवा नंबर 64 कहता है कि आईएस आतंकी बंधक महिला से दुष्कर्म भी कर सकता है। इतना ही नहीं, विषम परिस्थितियों में अधर्मी को मार कर आईएस आतंकी को उसका मांस खाने की भी अनुमति है। हालांकि, अधर्मी किसे कहेंगे, यह व्याख्या नहीं की गई।

इतना ही नहीं संगठन के नीति नियंताओं ने फरमान जारी करके आतंकियों को मानव अंग निकालने की अनुमति भी दे दी है। तय है कि भविष्य में आईएस बंधकों की सिर्फ नृशंस तरीके से हत्या ही नहीं करेगा बल्कि उसी बोटी बोटी काटकर बेच देगा जो बचेगी उसे खा जाएगा।

अमेरिका के विशेष सैनिक दस्ते को इस वर्ष मई में पूर्वी सीरिया में छापे के दौरान मिले दस्तावेजों में आइएस के इन रोंगटे खड़े कर देने वाले इरादों के बारे में जानकारी मिली है। 31 जनवरी को जारी फरमान के अनुसार मुस्लिम का जीवन बचाने के लिए यदि किसी बंधक के अंग निकालने पड़ें तो इसकी अनुमति है, भले ही ऐसा करने में उसकी जान चली जाए।

दस्तावेजों की व्याख्या में बताया गया कि आईएस द्वारा तय किए गए इस्लाम के नियमों का उल्लंघन करने वालों के जीवन और अंगों पर दया दिखाने की जरूरत नहीं और दंड के बदले ये दोनों चीजें उनसे छीनी जा सकती हैं। गोपनीय दस्तावेजों के अमेरिका में करवाए गए अनुवाद के अनुसार यदि अंग निकालने से कोई बंधक मरता है तो मरने दो। फतवा नंबर 68 में कहा गया है कि ऐसा करने पर किसी प्रकार की रोक नहीं।

संयुक्त राष्ट्र में इराकी राजदूत अली अलहाकिम ने बताया कि इन दस्तावेजों की जांच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा करवाई जाए ताकि प्रमाणित किया जा सके कि आईएस धन एकत्र करने के लिए मानव अंगों की तस्करी में भी शामिल हो चुका है। अलहाकिम ने मोसुल शहर में 12 डॉक्टरों की मौत की सुरक्षा परिषद से जांच करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि मानव अंग निकालने से मना करने पर इस वर्ष फरवरी में आईएस ने इनकी हत्या कर दी थी।

मई में अमेरिकी विशेष सैन्य दल के सीरिया में छापे के दौरान आईएस के आर्थिक मामले देखने वाला शीर्ष आतंकी अबू सैयद मारा गया था और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया था, उसी दौरान कंप्यूटर हार्ड ड्राइव, सीडी व डीवीडी बरामद हुए थे।

यदि कोई इन फतवों का अंग्रेजी अनुवाद पढ़ना चाहे तो http://graphics.thomsonreuters.com/doc/document.pdf  इस लिंक को क्लिक करके पढ़ सकता है।

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