अंतरिक्ष में भी बढ़ा भारत का दबदबा, ISRO ने सफलतापूर्वक लांच किया जीसेट-6A सैटेलाइट

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने संचार सैटलाइट GSAT-6A श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से गुरुवार को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष के कक्षा में स्थापित  किया। इस शाम चार बजकर 56 मिनट पर इसे लॉन्च किया गया है। कक्षा में स्थापित होने के बाद यह 10 साल तक काम करेगा।

GSAT-6A-Satellite

इसरो ने कहा कि गुरूवार को प्रक्षेपित होने वाले मिशन की उल्टी गिनती मिशन तैयारी समीक्षा समिति और प्रक्षेपण अधिकार बोर्ड से मंजूरी के बाद दिन में एक बजकर 56 मिनट पर शुरू हुई।

इसरो के अनुसार इस सैटलाइट प्रक्षेपण के जरिए इसरो कुछ महत्वपूर्ण प्रणालियों का परीक्षण करेगा, जिसे चंद्रयान-2 के साथ भेजा जा सकता है। साथ ही यह उपग्रह भारतीय सेनाओं के लिए संचार सेवाओं को और मजबूत और सुविधाजनक बनाएगा। इस उपग्रह की एक मुख्य बात मल्टी बीम कवरेज सुविधा के जरिए भारत को मोबाइल संचार प्रदान करना है। इसे सेना के इस्तेमाल के हिसाब से भी डिजाइन किया गया है।

इसरो द्वारा लॉन्च किया गया यह सैटेलाइट एक हाई पावर एस-बैंड संचार उपग्रह है, जो अपनी कैटेगरी में दूसरा है। भारत इससे पहले जीसैट-6 लॉन्‍च कर चुका है। आज लॉन्च होने वाला यह नया उपग्रह, अगस्‍त 2015 से धरती की कक्षा में चक्‍कर लगा रहे GSAT-6 को सपोर्ट देने के लिए भेजा जा रहा है। इस नए सैटेलाइट में दो सुधार किए गए हैं जिसमें उच्च गति के विकास इंजन और इलेक्ट्रोमैकेनिकल एक्ट्यूएशन सिस्टम शामिल है।

Related Articles