बच्चों के लिए भी सनग्लासेज खरीदना है ज़रूरी, खरीदते वक़्त रखें इन बातों का ध्यान

आपने आजकल ऐसे बहुत से पैरंट्स को देखा होगा जो धूप से बचने के लिए खुद तो सनग्लासेज लगाते हैं लेकिन जब बात उनके बच्चों की आती है तो वे उनकी आंखों की सुरक्षा को पूरी तरह से नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि उन्हें ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए। सनग्लासेज, सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलट किरणों को ब्लॉक कर बच्चों की आंखों और स्किन को डैमेज होने से बचाते हैं। 10 साल से कम उम्र के बच्चों में सूर्य की हानिकारक यूवी किरणों की वजह से स्किन और आई डैमेज होने का खतरा बड़ों की तुलना में काफी अधिक होता है।
बता दें की वयस्कों की स्किन की तुलना में बच्चों की आखों के आसपास की स्किन और आईलिड बेहद सॉफ्ट और डेलिकेट होती है जिसे नुकसान पहुंचने का खतरा अधिक रहता है। साथ ही यूवी किरणों के संपर्क में आने से कैटरैक्ट और आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा रहता है। ऐसे में सिर्फ फैशन और स्टाइल स्टेटमेंट के लिए ही नहीं बल्कि सेहत के लिहाज से भी बच्चों के लिए सनग्लासेज लगाना बेहद जरूरी है।
अब बच्चों के लिए खासतौर पर ऐसा सनग्लास खरीदें जो धूप की हानिकारक किरणों यूवीए और यूवीबी दोनों के खिलाफ 99 से 100 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान करता हो। बच्चे इधर-उधर दौड़ते हैं, गिरते-पड़ते रहते हैं, किसी चीज से टकरा जाते हैं- इन बातों को ध्यान में रखते हुए उनका सनग्लासेज भी उनके लाइफस्टाइल से मैच करना चाहिए। साथ ही फ्रेम ऐसा होना चाहिए जो मुड़ जाए लेकिन टूटे न और चश्मा सही तरीके से बच्चे के चेहरे पर फिट आता हो, इसका भी ध्यान रखें। खरीददारी के वक्त ये ध्यान देना चाहिए की धूप के चश्मे अच्छे ब्रांड के हो| लोकल सनग्लासेज आंखों पर नकारात्मक असर डालते हैं। सनग्लासेज ऐसे होने चाहिए, जो आपकी पूरी आंख को ढके, वजन कम हो और साथ ही वह स्क्रैच प्रूफ भी हो
 

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