300 लाख साल पहले हुआ था इस चट्टान का निर्माण, जानिए इसका अद्भुत रहस्य

डेस्क।  सुबह उठते ही वहीं दिनचर्या फिर शाम तक घर आना ऐसे में हम बहुत थक जाते हैं। सोचते हैं कि अपने काम को थोड़ा सा आराम दें और कही घूम आएं। इसके लिए जरुरी है किसी अच्छी जगह का चयन करना तो चलिए जानते हैं कि ऐसी कौन सी जगह है जहां जाकर मिले मन को शांति।

बता दे कि, घूमने-फिरने के शौकीन लोग ऐसी जगहों की तलाश करते है, जो काफी आश्चर्यजनक हो। अगर आप भी उन्हीं में से एक है तो आज हम आपको एक ऐसी चट्टान के बारे में बताएंगे जिसे दुनिया की सबसे ऊंची होने के साथ बदलते रंग के कारण जाना जाता है।

– आस्ट्रेलिया में है सबसे ऊंची चट्टान

विश्व की सबसे बड़ी चट्टान आस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र में स्थित है। ऐसा माना जाता है कि एक बहुत बड़ी झील में स्थित यह विशालकाय चट्टान लाखों वर्ष पूर्व एक प्रायद्वीप था। पहले इसे आयर्स की चट्टान कहा जाता था लेकिन वर्तमान में इस चट्टान तो उलुरू नाम से जाना जाता है। दुनिया की यह सबसे बड़ी चट्टान अास्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र में उलुरू नामक मैदान से 348 मीटर की ऊंचाई पर है। यह चट्टान कुल 9 किलोमीटर के घरे में स्थित है।

– ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री के नाम पर चट्टान का नाम

इसकी खोज साल 1873 में डब्ल्यू जी.गोसे नामक अंग्रेज यात्री ने की थी और इसका नाम ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री हेनरी आयर्स के नाम पर आयर्स रॉक रख दिया गया था।

– सूर्योदय व सूर्यास्त के समय बदलता है चट्टान का रंग

इसकी विशेषता यह है कि सूर्योदय व सूर्यास्त के समय इसका रंग जलते हुए कोयले की भांति लाल हो जाता है और चट्टान भूरे, नारंगी, लाल, हल्के बैंगनी और चमकीले रंगों में परिवर्तित होती है।

– 300 लाख साल पहले हुआ था चट्टान का निर्माण

वैज्ञानिकों के अनुसार रंग बदलने वाली उलुरू नामक चट्टान का निर्माण लगभग 300 लाख साल पहले जलवायु की स्थिति और पृथ्वी में बदलाव के कारण हुआ था। उनके अनुसार यह दरअसल एक बहुत बड़ी चट्टान का हिस्सा है जो लगभग 5.8 किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली हुई है। यह चट्टान आर्कोज की बनी है जोकि फेलस्पार, क्रार्ट्ज, रेत के कण, मिट्टी, लौह ऑक्साइड एवं अन्य छोटी चट्टानों का मिश्रण है।

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