Bike या Car पर जाति व धर्म का नाम लिखवाना पड़ेगा मँहगा

यूपी में अब अगर आपने अपनी बाइक ( Bike ) या कार ( Car ) पर अपनी जाति या धर्म लिखा, तो ऐसा करना आपको मंहगा पड़ने वाला है।

लखनऊ: यूपी ( UP ) में अब अगर आपने अपनी बाइक ( Bike ) या कार ( Car ) पर अपनी जाति या धर्म लिखा, तो ऐसा करना आपको मंहगा पड़ने वाला है,क्योंकि अब आपका वाहन पुलिस के निशाने पर होगा। और आपके वाहन का चालान होना या सीज होना तय है।

दरहसल, बात यह है की यूपी में बाइक, बस, ट्रक, ट्रैक्टर और ई रिक्शा तक पर लोग राजपूत, ब्राह्मण, यादव, जाट, खान, कुरैशी,क्षत्रिय समेत तमाम जाति सूचक शब्द इस्तेमाल करते है। कोई अपनी गाड़ियों पर बड़े-बड़े अक्षरों में जाति लिखकर दबंगई दिखाता है,तो कोई पुलिस पर रौब झाड़ता नज़र आता है। लेकिन अब ऐसे लोगों और ऐसी गाड़ियों पर पुलिस की पैनी नज़र रहेगी।

पीएम मोदी को IGRS पर खत लिखा

आपको बतादें कि महाराष्ट्र के शिक्षक हर्षल प्रभु ने पीएम मोदी को IGRS पर खत लिखा था।  जिसमें उन्होंने यूपी में दौड़ते जातिवादी वाहनों को सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा बताया था, जिसके बाद पीएमओ ( PMO ) ने ये शिकायत यूपी सरकार को भेजी थी और तत्काल उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त ने जाति लिखे वाहनों के खिलाफ राज्य में अभियान चलाने और उन्हें ज़ब्त करने का आदेश दे दिया।

उन्होंने प्रदेश के सभी आरटीओ ( RTO ) से कहा है कि ‘जाति’ चाहे वाहन पर लिखी हो या नंबर प्लेट पर, ऐसे वाहनों को तुरंत सीज करें। जानकारी के मुताबिक पीएमओ ( PMO ) के निर्देश के बाद यूपी सरकार शुरुआत में लोगों को ऐसा करने से रोकने के लिये जागरूकता अभियान भी चलाएगी। ये अभियान प्रदेशभर में चलाए जाएंगे. इसके बाद भी अगर लोग नहीं सुधरे तो जाति-सूचक नेमप्लेट लगाकर चलने वालों का चालान किया जाएगा. साथ ही उनके वाहनों को सीज करने की कार्रवाई भी की जायेगी।

अब कानून भी जान लीजिये

राजधानी लखनऊ में प्रतिबंध के बाद पहला चालान ( fine ) कानपूर निवासी “आशीष सक्सेना” का कटा है। उन्होंने अपनी गाड़ी के पीछे ‘सक्सेना जी’ लिखा था तो पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 177 के तहत चालान ( FINE ) काटा। आखिर धारा 177 क्या है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक मोटर व्हीकल एक्ट में कुल 217 धाराएं, जिसमें से यह एक है। इसमें यह प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे प्रावधानों का उल्लंघन करता है, जिसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट में कोई जुर्माना निर्धारित नहीं है. ऐसे में उसपर धारा 177 लगाई जाएगी।

इसके अलावा सरकार द्वारा समय-समय पर नोटिफिकेशन के तहत जो अन्य बदलाव या प्रतिबंध लगाए जाते हैं और उसके लिए भी जुर्माना तय नहीं है तो सेक्शन 177 के तहत ही पेनाल्टी ली जाती है. इसके तहत पहली बार गलती करने पर दो हजार दूसरी बार या बार-बार उल्लंघन करने पर चार हजार रुपए का जुर्माना होता है। अगर आपने भी अपनी गाडी पर अपनी जाति या धर्म से जुड़ा स्टीकर लगाया है तो सावधान हो जाइए। और चालान से बचिए, मुझे दीजिये इजाज़त देखते रहिये पूरी दुनिया,धन्यवाद।

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