सीनियर कांग्रेसी लीडर बोले, कांगेस की सल्‍तनत चली गई लेकिन अभी भी बर्ताव सल्‍तनतों जैसा

नई दिल्ली। कांग्रेस के सीनियर लीडर जयराम रमेश ने पार्टी के अस्तित्‍व पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने कहा कि इस समय कांग्रेस पार्टी संकट के दौर से गुजर रही है। उन्‍होंने यह भी कहा कि ऐसा नहीं लगता कि 2019 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी को कोई टक्‍क्‍र दे पाएगा।

पहले भी कांग्रेस कर चुकी है संकट का सामना

मनमोहन सरकार में पर्यावरण मंत्री रह चुके जयराम रमेश ने पीटीआई को इंटरव्‍यम देते समय यह भी कहा कि जब 1996 से 2004 तक कांग्रेस पार्टी सत्‍ता से बाहर थी तब भी उसके ऊपर संकट के बादल आए थे। 1977 में इमरजेंसी लगाने की वजह से पार्टी को चुनाव में हार मिली थी। लेकिन अभी कांग्रेस जिस संकट से जूझ रही है वो चुनावी राजनीति का नहीं, बल्कि अस्तित्व का संकट है। पार्टी वाकई गहरे संकट में है।

तरुण यादवमुख्‍य मुकाबला शाह और मोदी से

कांग्रेसी लीडर रमेश ने इंटरव्‍यू के दौरानइयह भी कहा कि कांग्रेस का ये सोचना गलत होगा कि राज्यों में बीजेपी की सरकारों को सिर्फ एंटी-इनकम्बेंसी की बदौलत हराया जा सकता है। रमेश ने इंटरव्यू में कहा कि हमें समझना होगा कि हमारा मुकाबला नरेंद्र मोदी और अमित शाह से है, जो बिलकुल अलग ढंग से सोचते और काम करते हैं। अगर हमने अपने रुख में लचीलापन नहीं रखा, तो सच ये है कि हम जल्द ही अप्रासंगिक हो जाएंगे। पुराने नारे, फॉर्मूले और मंत्र अब काम नहीं करेंगे। भारत बदल चुका है, कांग्रेस पार्टी को भी बदलना होगा। अगर 2019 में मोदी को कड़ी टक्कर देनी है, तो कांग्रेस पार्टी के सभी लोगों को मिलकर ताकत लगानी होगी

कांग्रेस के पास

पार्टी आलाकमान पर साधा निशाना

जयराम रमेश ने कुछ ऐसी बातें भी कही हैं, जिन्हें कांग्रेस आलाकमान से उनकी नाराज़गी या निराशा के तौर पर भी लिया जा सकता है। उन्होंने इंटरव्यू में कहा है कि सल्तनत चली गई, लेकिन हम अब भी सुल्तानों की तरह की बर्ताव करते हैं। हमें न सिर्फ अपने सोचने और काम करने के तरीके बदलने होंगे, बल्कि लोगों के साथ संवाद रखने और खुद को उनके सामने प्रोजेक्ट करने के तौर-तरीकों को भी पूरी तरह बदलना होगा।

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