जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन तय!

mehboobamuftiमहबूबा मुफ्ती के मुख्यमंत्री पद की शपथ न लेने की वजह से जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगना तय हो गया है। वैसे तो महबूबा मुफ्ती का मुख्यमंत्री बनाना लगभग तय है, लेकिन अपने पिता मुफ्ती मुहम्मद सईद के निधन के कारण चल रहे चार दिन के शोक की अवधि के समाप्त होने के बाद ही वह राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेना चाहती हैं। महबूबा के सोमवार को शपथ लेने की संभावना है।

वैधानिक रूप से राज्य के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद का निधन हो जाने के कारण राज्य में पीडीपी-भाजपा गठबंधन टूट गया है और मंत्रिपरिषद भंग हो गयी है। ऐसे में वर्तमान में राज्य में कोई सरकार नहीं है। यह संकट तभी दूर होगा जब महबूबा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले लेंगी। ऐसे में उनके शपथ लेने तक की अवधि तक के लिए राज्य में राज्यपाल शासन लगाया जा सकता है। इस संबंध में राज्यपाल की ओर से शुक्रवार रात अधिसूचना जारी की जा सकती है।

गौरतलब है कि महबूबा वर्तमान में किसी सदन की सदस्य नहीं हैं। ना ही वह पीडीपी विधायक दल की नेता हैं। इसलिए सारी प्रक्रिया किसी नई सरकार के गठन की तरह होगी जिसमें विधायक दल उन्हें अपना नेता चुनेगा और वह भाजपा के  समर्थन के पत्र के साथ वह उसे राज्यपाल को देंगी। इसके बाद वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। यदि महबूबा मुफ्ती शपथ लेती हैं तो वह जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री होंगी। बीजेपी की ओर से भी महबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री बनाए जाने का समर्थन किया गया है। राज्य में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार है।

महबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर बीजेपी का कहना है कि अगर महबूबा मुफ्ती अपने पिता के नक्शे-कदमों पर चलेंगी और लोगों को मर्म को समझेंगी तो वह सफल मुख्यमंत्री साबित होंगी। सीएम पद को लेकर बीजेपी नेता राममाधव ने महबूबा मुफ्ती से मुलाकात भी की।

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