जम्मू कश्मीर : त्राल से अगवा किये गए पुलिस जवान को आतंकियों ने छोड़ा

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के त्राल से अगवा किये गए पुलिस जवान मुदस्सिर अहमद लोन को आतंकियों ने छोड़ दिया है। आतंकियों ने उन्हें शुक्रवार की रात को उनके घर से अगवा कर लिया था। दो दिनों तक सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस मुदस्सिर अहमद लोन की तलाश करती रही लेकिन अब वो अपने घर सुरक्षित पहुँच गए हैं।

मुदस्सिर अहमद लोन

मुदस्सिर अहमद लोन के अगवा होने का बाद उनके घर में मातम छाया हुआ था। उनके परिजनों ने आतंकियों से अपील की थी कि  मुदस्सिर 3 लड़कियों का अकेला भाई है, उसे छोड़ दें। उन्हें छोड़ने से पहले आतंकियों ने उनका वीडियो बनाया था। इसमें आतंकी कह रह हैं कि आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी पुलिसकर्मियों को देने का जिम्‍मा एसपीओ को दिया गया है। एसपीओ को धमकी देते हुए उन्होंने कहा कि उसे शुक्रवार तक की मोहलत दी जाती है अगर उसने नौकरी नहीं छोड़ी तो उसे जान से मार दिया जायेगा।

आतंकियों ने दो पुलिस जवानों को किया था अगवा

गौरतलब है कि हाल ही में आतंकियों ने कुलगाम से पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद सलीम शाह और शोपियां से पुलिसकर्मी जावेद अहमद डार को अगवा किया था। डार की हत्या की जिम्मेदारी हिज्बुल मुजाहिद्दीन ने ली थी। वहीं इसी तरह आतंकियों ने सुरक्षाबल के जवान औरंगजेब का भी अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी।

आतंकियों ने सेना के जवान औरंगजेब की हत्या

आतंकियों ने सेना के जवान औरंगजेब का अपहरण करने के बाद बेरहमी से उनकी हत्या कर दी गई थी। सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट के जवान औरंगजेब का शव पुलवामा के गुस्सू गांव में बरामद किया गया था। इस वारदात से पहले औरंगजेब ईद पर अपने घर जाने के लिए निकले थे।

ऑपरेशन ऑलआउट से तिलमिलाए आतंकी

आपको बता दें कि घाटी में राज्यपाल शासन लगने के बाद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन ऑलआउट तेज कर दिया है। इससे आतंकी बौखलाए हुए हैं। सेना ने 22 आतंकियों की हिटलिस्ट तैयार की है, जिसमें हिजबुल मुजाहिद्दीन के 11, लश्कर-ए-तैयबा के 7 और जैश-ए-मोहम्मद के 2 आतंकी शामिल हैं। हाल ही में सेना ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के प्रमुख दाऊद अहमद सलाफी उर्फ बुरहान और उसके तीन साथियों को ढेर किया था।

 

ईद की छुट्टियां मनाने घर जा रहे औरंगजेब को भी रास्ते से अगवा कर बुरी तरह टार्चर किया गया, वीडियो कैमरे पर उसका कबूलनामा बनाया गया था। 44 राष्ट्रीय रायफल का जवान औरंगजेब सेना की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने हिजबुल के कमांडर समीर टाइगर को ढेर कर दिया था। यही नहीं, जैश-ए- मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर के भतीजे महमूद भाई को जिस सेना की टीम ने मारा था, औरंगजेब उस टीम का भी हिस्सा रहे थे। इसी का बदला लेने के लिए आतंकियों ने औरंगजेब को निशाना बनाया था।

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