अपनी ही पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ हमलावर हुई जदयू, कहा- भ्रष्टाचार के साथ समझौता कर रहे शरद

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पटना| बिहार के राजनीतिक गलियारों में बीते दिनों हुई उलटफेर ने अब एक नया रंग ले लिया। बीते दिनों नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन से पल्ला झाड़ते हुए भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाकर पहले जहां राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव को तगड़ा झटका दिया था। वहीं, अब इस मामले की वजह से जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ही अपनी पार्टी के निशाने पर आ गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, शरद यादव नीतीश कुमार द्वारा भाजपा के साथ किये गए गठबंधन के पक्ष में खड़े क्या नहीं हुए, उनकी पार्टी उन्ही के खिलाफ हमलावर हो गई। जदयू से शरद यादव पर भ्रष्टाचार के साथ समझौता करने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि शरद यादव बिहार में राजद और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन का समर्थन करके भ्रष्टाचार के साथ समझौता कर रहे हैं।

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प्रवक्ता से राज्यसभा सदस्य शरद यादव द्वारा राजद और कांग्रेस के साथ महागठबंधन तोड़कर बिहार में भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाने संबंधी नीतीश कुमार के निर्णय का विरोध करने संबंधी सवाल पूछा गया था।

प्रवक्ता ने शरद यादव द्वारा 17 अगस्त को नई दिल्ली में सांप्रदायिकता के खिलाफ एक सेमिनार आयोजित करने पर सवाल उठाया। नई दिल्ली में यह सेमिनार जद-यू की पटना में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दो दिन बाद हो रहा है। कांग्रेस, वामपंथी पार्टियों समेत क्षेत्रीय पार्टियों के ज्यादातर वरिष्ठ नेताओं द्वारा इस सेमीनार में भागीदारी की उम्मीद की जा रही है। जदयू के एक अन्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह समझना कठिन है कि शरद यादव भ्रष्ट नेताओं का समर्थन क्यों कर रहे हैं।

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नीतीश कुमार द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद यह पहला मौका है, जब जद-यू नेताओं ने शरद यादव पर इस तरह के सीधे आरोप लगाए हैं। शरद यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार का भाजपा के साथ गठबंधन करने का निर्णय 2015 में बिहार के लोगों द्वारा गठबंधन को दिए बहुमत का उल्लंघन करता है।

 

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