जेईई अडवांस्ड: नए पैटर्न से बढ़ी स्टूडेंट्स की परेशानी, पेपर लगा कठिन

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नई दिल्ली। आईआईटी की इंजिनियरिंग में दाखिला लेने के लिए संडे को जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई अडवांस्ड) 2018 का आयोजन हुआ था जिसमे करीबन डेढ़ लाख से भी ज्यादा स्टूडेंट्स ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई अडवांस्ड) टेस्ट दिया. यह टेस्ट विद्यार्थियों ने ऑनलाइन मोड में दो सेशन में दिया। एग्जाम देने के बाद विद्यार्थियों ने बताया कि क्वेश्चन पेपर कैसे थे।

जेईई अडवांस्ड

स्टूडेंट्स ने क्वेश्चन पेपर के बारे में बताते हुए कहा कि भौतिक विज्ञानं और रसायन विज्ञान के पेपर ना आसान थे और ना कठिन, हालांकि मैथ्स कई स्टूडेंट्स को मुश्किल लगा। स्टूडेंट्स ने बताया कि कुल मिलाकर टेस्ट में दोनों पेपर की कठिनाई का लेवल मॉडरेट था। इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेपर-1 में कई स्टूडेंट्स के लिए फिजिक्स कठिन था, वहीं पेपर-2 में मैथ्स ने स्टूडेंट्स को परेशान किया। jeeadv।ac।in में 29 मई को इसकी आसंर-की अपलोड कर दी जाएगी। रिजल्ट 10 जून को जारी होगा।

कहा था एग्जाम-

इस बार आईआईटी में ऐडमिशन के लिए जेईई अडवांस्ड टेस्ट का ऑगनाईजर आईआईटी कानपुर था। जेईई मेन क्रैक करने वाले 2,24,000 स्टूडेंट्स स्कोर के आधार पर इसके लिए चुने जाते हैं, हालांकि 1 लाख 66 हजार स्टूडेंट्स ही इसके लिए रजिस्टर हुए। रविवार को एग्जाम दो फेज में हुआ- पेपर-1 9 से 12 बजे तक और पेपर-2 2 बजे से 5 बजे तक।

पेपर का लेवल- लोटस वैली इंटरनैशनल स्कूल, नोएडा के एक छात्र आदित्य सिंह ने बताया है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल पेपर का लेवल ऊपर था। इस साल सब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन ज्यादा थे। नया पैटर्न भी एग्जाम में आया है। पहले क्वेश्चन के आंसर 0 से 9 नंबर के बीच होते थे मगर इस बार पॉइंट और नेगेटिव वैल्यू में भी हो सकते थे।यह भी एक वजह हैं कि क्वेश्चन टफ लगे क्योंकि इसके लिए इतनी तैयारी नहीं थी।

आदित्य कहते हैं, मुझे पेपर-2 टफ लगा और सब्जेक्ट के हिसाब से फिजिक्स सबसे आसान, फिर केमिस्ट्री और मैथ्स सबसे मुश्किल रहा। दिल्ली पब्लिक स्कूल के स्टूडेंट व्योमेश तिवारी को जेईई अडवांस्ड का लेवल मॉडरेट रहा। व्योमेश कहते हैं, न्यूरिकल टाइप क्वेश्चन में नेगेटिव और डेसिमल में आंसर इस बार नया पैटर्न था, जिसकी वजह यह मुश्किल हुआ। मुझे केमिस्ट्री और मैथ्स के मुकाबले फिजिक्स सबसे आसान लगी।

फिटजी के एक्सपर्ट रमेश बटलीश ने बताया, पेपर-1 मॉडरेट लेवल का था, इसे आसान नहीं कहा जा सकता। कई स्टूडेंट्स ने मैथ्स को तो आसान बताया मगर फिजिक्स उन्हें मुश्किल लगा। केमिस्ट्री मॉडरेट लेवल का था। वहीं, पेपर-2 में मैथ्स फिजिक्स और केमिस्ट्री के मुकाबले मुश्किल था।

इस टेस्ट के स्कोर पर स्टूडेंट्स को देशभर के 23 आईआईटी में ऐडमिशन मिलता है, जहां करीब 11000 सीटे हैं। इसके अलावा, 6 इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंटस एजुकेशन ऐंड रिसर्च (आईआईसीईएस), इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोलियम एनर्जी, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ स्पेस साइंस ऐंड टेक्नॉलजी और राजीव गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नॉलजी में ऐडमिशन मिलेगा।

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