बकाया को लेकर जेट एयरवेज के एंप्लॉयीज ने NCLAT में दायर की याचिका

नई दिल्ली : फिनांशल मुश्किलों के कारण दो साल पहले उड़ानें बंद करने वाली जेट एयरवेज के मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। इस कड़ी में अब एक नया मोड़ आया है। खबर है कंपनी के एंप्लॉयीज ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में एक याचिका दायर कर बकाया वेतन जैसे मुद्दों पर चिंता जताते हुए कार्लरॉक-जालान के रिजॉल्यूशन प्लान को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल की स्वीकृति खारिज करने की मांग की है।

NCLAT में अपील कर की है बकाया चुकाने की मांग

इस कड़ी में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि NCLT की मुंबई बेंच ने 22 जून को कालरॉक-जालान के रिजॉल्यूशन प्लान को स्वीकृति दी थी। इसके साथ ही  NCLT ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री को जेट एयरवेज के लिए स्लॉट अलॉट करने के लिए 90 दिनों की अवधि तय की थी। जैसा आप जानते हैं, वित्तीय संकट के कारण जेट एयरवेज की उड़ानें दो साल पहले बंद हो गई थी। इसके बाद एयरलाइन के खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग शुरू हुई थी जिसके बाद हुई कई दौर की बिडिंग के बाद कालरॉक कैपिटल और मुरारी लाल जालान को सफल बिडर चुना गया था। इससे जेट एयरवेज के दोबारा शुरू होने की संभावना बनी थी।

इस कड़ी में मामले के जानकारों के मुताबिक एयरलाइन के एंप्लॉयीज ने 569.21 करोड़ रुपये के क्लेम दाखिल किए हैं। इसमें से 359.29 करोड़ रुपये के क्लेम को स्वीकार किया गया है। इसके अलावा ऑपरेशनल क्रेडिटर्स की ओर से 28,466.13 करोड़ रुपये के क्लेम दाखिल किए गए थे। इसमें से 6,658.37 करोड़ रुपये के क्लेम स्वीकार हुए हैं।

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