आप भी बिना खाए कुछ दिन रहिए, फिर पता चलेगा इस भूखी बच्ची की मौत का दर्द

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झारखंड में एक गरीब मां ने आरोप लगाया है कि राशन कार्ड और आधार लिंक नहीं था, इसलिए उसे पीडीएस कोटे से अनाज नहीं दिया गया। ‘भात भात’…… बीते 4 दिनों से भूख से तड़प रही 11 साल की संतोषी ने जब अपने जीवन की अंतिम सांस ली तो ये शब्द उसकी जुबां पर थे। राज्य के खाद्य और आपूर्ति मंत्री ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

यहाँ इस्तेमाल की गयी बच्ची की तस्वीर प्रतीकात्मक है।

राहुल गाँधी ने भी इसको लेकर सरकार पर सवाल उठाये थे

मंत्री का कहना है कि इस बात को पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि राशन कार्ड को आधार से लिंक न करने वालों को भी राशन दिया जायेगा। अभी हाल ही में ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत बहुत निचले पायदान पर था। इसको लेकर भी हल्ला मचा था। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने भी इसको लेकर सरकार पर सवाल उठाये थे। लेकिन इस भूखी बेटी की मौत पर सभी ने चुप्पी साध रखी है। सीएम रघुवर दास या उनकी सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करना तक ज़रूरी नहीं समझा।

परिवार अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करा पाया

सोमवार को सिमडेगा के करीमती गांव में एक 11 साल की लड़की संतोषी भूख से तड़प-तड़प कर महज इसलिए मर गई, क्योंकि उसका परिवार अपने राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करा पाया। इस परिवार को पब्लिक ड्रिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम स्कीम के तहत कई महीनों से राशन नहीं मिल पा रहा था। पिछड़े समुदाय से आने वाली कोयली देवी के मुताबिक, उसकी बेटी ने 4 दिन से कुछ भी नहीं खाया था। घर में मिट्‌टी का चूल्हा था, लकड़ियां थीं, लेकिन बनाने के लिए राशन नहीं थे।

संतोषी (ग्रीन टॉप में), जिसकी मौत हुई।

मां का आरोप

लड़की की मां कोयली देवी ने बताया जब मैं चावल लेने सेंटर गई, तो राशन कार्ड के आधार से लिंक न होने की बात कहकर मुझे लौटा दिया गया और मेरी बेटी भात-भात’ कहते हुए मर गई। भूख की वजह से संतोषी के पेट में दर्द हो रहा था और उसका शरीर भी अकड़ गया था। जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

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