झारखंड: 2 साल से ठप थी विधानसभा, चंद मिनट में बजट-विधेयक पास

रांची: झारखंड विधान सभा 16 जुलाई से मॉनसून सत्र के लिए आरम्भ हो रहा है। साल 2016 के मानसून सत्र के बाद से झारखंड विधान सभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोक-झोक के चलते दो सालों तक विधानसभा लगभग ठप रही। हालात ये हो गये कि सरकार ने मिनट भर के अंदर ही बजट पास करा लिया। यही कई अहम बिल सरकार ने बिना सदन में चर्चा के मिनट भर में पारित कर दिया।

हंगामेदार होगा मॉनसून सत्र

झारखंड विधान सभा का मानसून सत्र 16 से 21 जुलाई तक चलेगा। यानी मात्र छह दिनों के अंदर ही राज्य की जनता के अहम मुद्दों और समस्याओं पर चर्चा होगी और इसी दौरान कई अहम बिल पेश होंगे। लेकिन विपक्ष के मूड को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि इस बार भी विधानसभा सत्र हंगामेदार होगा।

6 विधेयक पास कराएगी सरकार

सत्र के दौरान सरकार 6 विधेयक पेश करेगी। सोमवार को विधासनभा अध्यक्ष दिनेश उरांव का संबोधन होगा. इसके बाद राज्यपाल द्वारा अनुमोदित अध्यादेशों को सदन के पटल पर रखा जाएगा, जबकि 17 जुलाई को अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। 18 जुलाई को अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद होना निश्चित किया गया है इसके अलावा प्रश्नकाल भी होंगे। इस सत्र के लिए विधायकों की तरफ से करीब  425 प्रश्न आए हैं. जिनका जवा मंत्री देंगे। इन्हें एक बाक्स में रखकर लॉटरी की तरह नंबरिंग की जाएगी है।

सत्र से पहले बुलाई स्पीकर की बैठक में विधायक नहीं पहुंचे

मानसून सत्र के भी हंगामेदार होने की आशंकाओं के मद्देनजर स्पीकर दिनेश उरांव ने पक्ष-विपक्ष के विधायकों की बैठक बुलाई थी लेकिन विपक्षी नेता इसमें शामिल नहीं हुए। इससे जाहिर है कि चुनावी साल में मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के तेवर गरम हैं। वहीं मानसून सत्र को लेकर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं.

विधानसभा अध्यक्ष पर फेंके गये थे पिन के गोले

दरअसल, साल 2017 में सत्ता पक्ष और विपक्ष यानी बीजेपी और जेएमएम के बीच उस वक्त कड़वाहट और अधिक बढ़ गई जब जेपीएससी में आरक्षण का मुद्दा गर्माया। वहीं 23 नवंबर 2016 को झारखंड विधानसभा की मर्यादा तब तार-तार हो गई थी, जब सदन में कुर्सियां फेंकी गईं और विधान सभा अध्यक्ष पर पिन के गोले और स्प्रे फेंके गए। सीएनटी-एसपीटी में संशोधन विधेयक पर जेएमएम और कांग्रेस विधायकों ने जमकर उत्पात मचाया था।

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