JNU में कंपल्सरी अटेंडेंस को लेकर स्टूडेंट्स का बवाल जारी, स्टाफ को बनाया बंधक, दो लोगों की तबीयत बिगड़ी

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नई दिल्ली। जवाहर लाल यूनिवर्सिटी में कंपल्सरी अटेंडेंस को लेकर स्टूडेंट्स का विरोध जारी है। गुरुवार रात स्टूडेंट्स ने एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक का घेराव किया और स्टाफ को बाहर जाने से रोका दिया। समय पर दवा और खाना नहीं मिलने पर बंधक बने दो लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई। बता दें, जेएनयू में 75% कंपल्सरी अटेंडेंस है।

प्रो. चिंतामणि महापात्र जब दोपहर को कक्षा में जाने के लिए निकले तो छात्रों ने उन्हें दौड़ाकर कुलपति कार्यालय के अंदर बंद कर दिया। प्रबंधन ने छात्रों को लिखित संदेश भी भेजा कि अधिकारियों के पास उनकी दवा नहीं है। वहीं, लंच व डिनर के साथ दवा न मिलने के चलते उनकी तबीयत खराब हो गई है।

उधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की लीडर गीता का कहना है कि हम लोग सुबह से ही यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन वे बात करने ही तैयार नहीं हैं इसलिए एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक के बाहर हम इकट्ठे हुए हैं। हमने किसी भी तरह से गेट को ब्लॉक नहीं किया है। उनकी मांग है कि कंपल्सरी अटेंडेंस की का सर्कुलर वापस लिया जाए और एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग बुलाई जाए।

छात्र संघ पदाधिकारियों का कहना है कि हमने किसी अधिकारी को बंधक नहीं बनाया है बल्कि हम उनसे मिलना चाहते हैं। शातिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने के बजाय कुलपति ने उनकी आवाज दबाने के लिए परिसर में पुलिस बुला ली। पहले तो विद्वत परिषद की अनुमति के बिना अनिवार्य उपस्थिति नियम जबरन छात्रों पर थोप दिया गया और जब छात्र इसका शातिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे हैं तो उन्हें डराने के लिए पुलिस को बुला लिया गया। छात्रों की माग मानने के बजाय प्रशासन द्वारा हॉस्टल छीन लेने और छात्रवृत्ति रोकने की धमकी छात्रों को दी जा रही है। छात्र संघ की माग है कि पुलिस बुलाने के बजाय कुलपति स्वयं छात्रों से आकर मिलें और उनकी समस्याओं को हल करें।

 

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