जोगी ने मरवाही के चुनाव पर्यवेक्षक के खिलाफ चुनाव आयोग से की शिकायत

उन्होने कहा कि आयोग के पर्यवेक्षक द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के सभी प्रावधानों की धज्जियां उड़ाते हुए मेरी पार्टी के नेताओं और विधायकों को यह कहा गया

रायपुर: जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी ने मरवाही सीट पर हो रहे उप चुनाव के लिए नियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक के खिलाफ चुनाव आयोग से संविधान और कानून के समस्त प्रावधानों के विपरीत कार्य करने की शिकायत की है.

जोगी ने आयोग से की गई शिकायत में कहा है कि इतिहास में पहली बार निर्वाचन आयोग द्वारा जनप्रतिनिधि अधिनियम के अंतर्गत मान्यता प्राप्त दल को चुनाव प्रचार में भाग लेने से मात्र इस कारण से रोका जा रहा है कि उसके प्रत्याशियों का नामांकन बंद कमरे में, बिना सुनवाई का अवसर दिए, रद्द कर दिया गया. संविधान और क़ानून में कहीं पर भी ऐसा नहीं लिखा है कि राजनीतिक दलों का प्रचार करने के लिए उसके प्रत्याशी का होना अनिवार्य है.

उन्होने कहा कि आयोग के पर्यवेक्षक द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के सभी प्रावधानों की धज्जियां उड़ाते हुए मेरी पार्टी के नेताओं और विधायकों को यह कहा गया कि मरवाही चुनाव में आपके दल के द्वारा किया जा रहा प्रचार (‘न्याय यात्रा’) एक ‘संगठित अपराध’ की श्रेणी में आता है! इससे स्पष्ट है कि या तो चुनाव पर्यवेक्षक को उपरोक्त अधिनियम, निर्वाचन सम्बंधित नियमों और संविधान के सिद्धांतों की जानकारी नहीं है या फिर वे सीध-सीधे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस की राज्य सरकार के प्रभाव में मग्न होकर उन्हीं की भाषा बोल रहे है.

जोगी ने आयोग से की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि मरवाही के मतदाताओं की नज़र में छत्तीसगढ़ के मंत्री और कांग्रेस के चुनाव प्रभारी जय सिंह अग्रवाल और निर्वाचन आयुक्त द्वारा नियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक जय सिंह के बीच अब कोई भी अंतर नहीं दिख रहा है.

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