जाति पर जंग भारत बंद: बिहार-मप्र में दिखा सबसे ज्यादा असर, सतर्क प्रशासन ने उठाए कदम

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बीजेपी के भीतर से सरकार के SC/ST एक्ट में संशोधन कर उसे मूल स्वरूप में बहाल करने का तगड़ा विरोध शुरू हो गया है। सरकार के इस कदम का विरोध करने वालों में पार्टी के अगड़ी जाति के नेता प्रमुख हैं। विरोध इस कदर बढ़ रहा है की बीजेपी सरकार के लिए यह सिर दर्द बनता जा रहा है। बिहार और मध्य प्रदेश में भारत बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। एससी/एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित संगठनों के 2 अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद में कई राज्यों में हिंसा हुई थी जिनमे कई लोगों को अपनी जान से हाथ धो बैठना भी पड़ा था। विरोध प्रदर्शन में सबसे ज्यादा असर में मध्य परदेश है जहां 2 अप्रैल के बंद के दौरान छह लोग ग्वालियर चंबल संभाग में मारे गए थे।

जाति पर जंग भारत बंद: बिहार-मप्र में दिखा सबसे ज्यादा असर, सतर्क प्रशासन ने उठाए कदम….

ये है पूरा मामला….

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा SC/ST एक्ट में संशोधन कर उसे मूल स्वरूप में बहाल करने के विरोध में सवर्ण समुदाय के लोगों ने 6 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। 2 अप्रैल के बाद हिंसा बढ़ती जा रही है। विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर मध्य प्रदेश के तीन जिलों मुरैना, भिंड एवं शिवपुरी में एहतियात के तौर पर धारा 144 लगा दी गई है। धारा 144 भारत बंद के अगले दिन यानी 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी।

भारत बंद का खासा असर रोज़ की बाहरी दिनचर्या पर दिख रहा है। सड़कों, दुकानों में सन्नाटा दिख रहा है और रेल ट्रैक, हवाई ट्रैक जाम कर पुतला दहन और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं। एससी-एसटी एक्ट में हुए संशोधनों के खिलाफ नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यही नहीं बल्कि इन वजहों से कुछ जगहों पर तो पुलिस-प्रशासन सवर्णों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रख रहा है।

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