न्यायमूर्ति बी लोकुर की समिति गठित, पराली जलाने से रोक के पूर्व आदेश पर रोक

उच्चतम न्यायालय ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने से रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा के लिए गठित न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर की समिति नियुक्त करने के अपने फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है।

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने से रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा के लिए गठित न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर की समिति नियुक्त करने के अपने फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सोमवार को पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के समन्वय और निगरानी के लिए शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मदन बी लोकुर को एक सदस्यीय समिति नियुक्त करने के 16 अक्टूबर के अपने आदेश पर रोक लगा दी।

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न्यायमूर्ति बोबडे ने यह आदेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर दिया। मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार पराली जलाने की समस्या को दूर करने के लिए एक स्थायी निकाय गठित करने के लिए एक व्यापक कानून ला रही है।

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गौरतलब है कि याचिकाकर्ता आदित्य दुबे की ओर से पेश वकील ने श्री मेहता के अनुरोध का विरोध किया, लेकिन न्यायालय ने कहा कि 16 अक्टूबर के आदेश के तहत आगे की कार्यवाही को यथावत रखा जाये।

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