जस्टिस रंजन गोगोई बनेंगे देश के अगले मुख्य न्यायाधीश

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नई दिल्ली :  चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। इसीलिए केंद्र सरकार ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को एक खत लिखकर उनसे उनके उत्तराधिकारी का नाम पूछा है।

परंपराओं के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज को प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है। क्योंकि सीनियॉरिटी के हिसाब से जस्टिस गोगोई प्रधानन्यायाधीश के बाद सबसे ऊपर हैं। जस्टिस गोगोई 12 फरवरी 2011 को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के प्रमुख न्यायाधीश बने।

23 अप्रैल 2012 को वह सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्यन्यायाधीश के तौर पर जस्टिस गोगोई का कार्यकाल 1 साल 1 महीने और 14 दिन का होगा।

बता दें कि जस्टिस गोगोई सुप्रीम कोर्ट के उन चार जजों में शामिल हैं, जिन्होंने पहली बार मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ आरोप लगाए थे। सवाल उठाने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार जजों में जस्टिस गोगोई के साथ जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट के कामकाज के तरीके और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए गए थे।

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चारों जजों ने अनियमितता को लेकर लिखी चिट्ठी को सार्वजनिक कर दिया है, साथ ही चीफ जस्टिस पर नियमों की अनदेखी कर केस जजों या फिर खंडपीठ को सौंपने का आरोप लगाया, जिसमें कई अहम केस भी हैं। इन जजों ने कहा कि अगर न्याय व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो लोकतंत्र महफूज नहीं रहेगा। जजों ने बताया कि उन्होंने अपनी बातें मुख्य न्यायाधीश के सामने रखीं हैं।

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