राज्यसभा में आज जुवेनाइल बिल पर होगी चर्चा, कांग्रेस और टीएमसी भी समर्थन में

rajya-sabha1नई दिल्ली। निर्भया केस पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद अब संसद पर जुवेनाइल जस्टिस बिल को लेकर दबाव बढ़ गया है। इसको लेकर आज राज्‍यसभा में फिर से चर्चा की जाएगी। दरअसल कल सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए दिल्‍ली महिला आयोग की नाबालिग दोषी की सजा बढ़ाने की याचिका को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्‍यसभा में कल इस बिल पर चर्चा भी हुई थी जिसमें कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने सरकार को समर्थन देने की बात भी कही है।

माना जा रहा है कि आज बिल से जुड़े संशोधनों पर राज्‍यसभा में चर्चा होगी और इसे मौजूदा सत्र में ही पास करने की कोशिश भी की जाएगी। इस बिल पर बहस के दौरान निर्भया के परिजन भी वहां मौजूद रहेंगे। नाबालिग दोषी की रिहाई के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे निर्भया के परिजन सोमवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद से मिले थे, जिन्होंने उन्हें भरोसा दिया कि उनकी पार्टी इस बिल को समर्थन देगी।

यह विधेयक ऊपरी सदन में दोपहर दो बजे रखे जाने की उम्मीद है। नए प्रावधानों के मुताबिक संगीन अपराध में शामिल नाबालिगों को बालिग माना जाएगा। बता दें कि लोकसभा में यह बिल मई 2015 में पास हो गया था। लेकिन, राज्यसभा में हंगामे की वजह से इसे पेश नहीं किया जा सका है। नए बिल में कहा गया है कि रेप, मर्डर और एसिड अटैक जैसे खतरनाक अपराधों में शामिल नाबालिगों को बालिग माना जाए।

उम्मीद है कि मौजूदा संसद सत्र के बाकी बचे तीन दिन में ये बिल राज्यसभा में लाया जा सकता है। मौजूदा कानून के मुताबिक अगर कोई नाबालिग संगीन अपराध में दोषी होता है तो उसे तीन साल तक बाल सुधार गृह में रखा जाता है और उसके बाद उसे रिहा कर दिया जाता है। वहीं इस बिल के पास होने के बाद इसका असर निर्भया केस पर शायद ही पड़े। लेकिन, आने वाले समय में ऐसे दूसरे अपराधी आसानी से नहीं छूट सकेंगे।

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