सपा की यश भारती पर चला योगी सरकार का हथौड़ा, इन मशहूर हस्तियों को मिली चोट

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लखनऊ। साल 1994 में मुलायम सिंह यादव द्वारा शुरु कराए गए यश भारती सम्मान इन दिनों काफी चर्चे में चल रहा है। हाल ही में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के इस सबसे बड़े सम्मान की जांच करवाने का फैसला लिया था, जिसके बाद से अब खबर आ रही है कि एकबार फिर इस सम्मान को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। कहा जा रहा है इसके अंतर्गत आनी वाली पेंशन की राशि को घटाकर आधा कर दिया गया है।

मुलायम सिंह के दौर में शुरु हुए सम्मान के अंतर्गत यूपी से ताल्लुक रखने वाले कुछ ऐसे लोग जिन्होंने कला, संस्कृति, साहित्य या खेलकूद के क्षेत्र में देश के लिए नाम कमाया हो उन्हें दिया जाता है। जानकारी के मुताबिक पेंशन के इस नियमावली बड़ा बदलाव हो रहा है। बदलाव के मुताबिक मिलने वाली राशि पर भी कैंची चला दी गई है। जिसका मतलब पेंशन की राशि को 50 हज़ार से घटाकर 25 हज़ार रुपये हर महीने कर दी गई है। साथ ही कहा जा रहा है अब सरकारी सेवकों, सरकार के पेंशनरों और आयकरदाताओं को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा।

बता दें कुछ समय पहले इस पेंशन को बंद करने का फैसला लिया गया था, लेकिन वर्तमान समय की सरकार के अंदर से बढ़ते दबाव को देखते हुए योगी सरकार ने कुछ बदलाव करते हुए इसकी राशि को घटाकर आधा करके इसे चालू रखने का फैसला लिया है। संशोधन के बाद यश भारती पुरस्कार व पेंशन संबंधी आवेदन की तिथि बढ़ाते हुए 31 जुलाई कर दी है। 31 जुलाई के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनपत्रों पर संस्कृति विभाग द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।

संशोधन में इसका असर नामी हस्तियों पर पड़ने वाला है। इन नामों में क्रिकेटर सुरेश रैना, आरपी सिंह, निर्माता अनुराग कश्यप, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, नसीरुद्दीन शाह भी शामिल है।

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