Jyotiraditya Scindia ने नागरिक उड्डयन मंत्री का कार्यभार संभाला, भावुक हुईं इमरती देवी

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में अपना कार्यभार संभाला है

नई दिल्ली: ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में नागरिक उड्डयन मंत्री (Civil Aviation Minister) के रूप में अपना कार्यभार संभाला है।

 

केंद्रीय मंत्री बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को पूर्व मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) उन्हें बधाई देते समय भावुक हो गईं। उनके चेहरे पर मुस्कान के साथ आंखो में आंसू आ गए थे। यह देख सिंधिंया भी अपने आप को रोक नहीं पाए और इमरती देवी को गले लगा लिया।

राजनीतिक जीवन

30 सितम्बर 2001 को ज्योतिरादित्य सिंधिया  के पिता माधवराव सिंधिया की एक हवाई जहाज हादसे में मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद 18 दिसंबर को ज्योतिरादित्य राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से जुड़ गये और उन्होंने अपने पिता की सीट मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना (Guna) से चुनाव लड़ने का फैसला किया। और 24 फरवरी को वे 450,000 के मार्जिन वोट से जीत हासिल कर सांसद बने।

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सिंधिया को मई 2004 में फिर से चुना गया और 2007 में केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्री परिषद में शामिल किया गया। उन्हें 2009 में लगातार तीसरी बार फिर से चुना गया और इस बार उन्हें वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री बनाया गया। 2014 में ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से फिर चुने गए थे लेकिन 2019 में कृष्ण पाल सिंह यादव से वह सीट हार गए।

10 मार्च 2020 को उन्होंने अंतरिम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा देकर कांग्रेस पार्टी से बाहर हो गये। इसके बाद कांग्रेस ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उन्हें “पार्टी विरोधी गतिविधियों” के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है। वह 11 मार्च 2020 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गये। 19 जून 2020 को सिंधिया मध्य प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सांसद चुने गए। जब कैबिनेट में बदलाव हुआ तो वे दूसरे मोदी मंत्रालय (Modi ministry) में नागरिक उड्डयन मंत्री बने।

 

जीवाजीराव सिंधिया के पोते

सिंधिया का जन्म 1 जनवरी 1971 को मुंबई में स्थित कुर्मि मराठा परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता ग्वालियर के पूर्व शासक माधवराव सिंधिया (Madhavrao Scindia) और माधवी राजे सिंधिया थे जो एक मराठा रियासत थी। उन्होंने शहर के कैंपियन स्कूल और दून स्कूल, देहरादून में पढ़ाई की है। 1993 में उन्होंने हार्वर्ड कॉलेज, हार्वर्ड विश्वविद्यालय के स्नातक उदार कला कॉलेज से अर्थशास्त्र में BA की डिग्री के साथ स्नातक किया। 2001 में उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से MBA प्राप्त किया है। ज्योतिरादित्य ग्वालियर रियासत के अंतिम महाराजा, जीवाजीराव सिंधिया (Jivajirao Scindia) के पोते हैं, उन्होंने 1947 में भारत के गणराज्य में शामिल हो गये थे।

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