सावन के 9वें दिन ऑनलाइन आयोजित हुआ कजरी महोत्सव, प्रतिभागियों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

लखनऊ: सावन के नवें दिन सोमवार को अन्तर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार के तत्वावधान में कजरी महोत्सव कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रतिभागियों ने कजरी गा के अपनी अपनी प्रस्तुतियां दी।

‘घेरी आई सखी कारी बदरिया, बरसन लागी सखी मोरी अटरिया’ शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम के नवें दिन अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के अध्यक्ष, परमानंद पांडेय ने आनलाईन कार्यशाला को शुभारंभ किया। जिसमें आज भी रीता श्रीवास्तव से कार्यशाला में ऑनलाइन प्रतिभागी को आंमत्रित कर, विधिवत प्रतिभागियों को शंकर पर कजरी गायन के लिए शुरुआत करने के लिए निवेदित किया गया।

प्रतिभागियों ने कुछ इस तरह दी अपनी-अपनी प्रस्तुतियां

रीता श्रीवास्तव – ने जलवा चढाइब हमहु बनके कवरिया पिया।
हमहु के ले के चलअ शिव के नगरिया न।

नर्वदा उर्फ मधु श्रीवास्तव – ने भोले बाबा चले कैलाश कुनिया पेड लगाव न।

सुमन पांडेय ने गाया – भोले बाबा ले के चलल बरतिया।

कुसुम मिश्रा ने गया- का ले के शिव के मनाई हो शिव मानत नाहमानत

कल्पना सक्सेना ने गया – अइसन बारात नाही देखलीं।

सरला गुप्ता ने – पार्वती तुहार सईयां हम देखब।

कंचन श्रीवास्तव – ने कइलीं हम कौन कसूर नजरिया से दूर कइल दूर कइल भोला।

विभा श्रीवास्तव ने – डम डम डमरू बजाइला हमार जोगिया महादेव जी कहहीलअ।

अर्पणा सिंह ने – ए गउरा डमरुआ ले गइलें चोर।

अंजली सिंह – चंद्रमा देखलीं गंगा देखलीं बंम भोले क देखलीं सपनवे में न ।

यही सावन में
अकेले झूलाव पिया,
जन केहू बुलाव पिया न,
घटा घेर घेर आयी,
बहे मस्त पुरवाई,
बहे मस्त पुरवाई,
देख दामिनी,
हो देख दामिनी
गमक चली आव पिया न
जन केहू बोलव पिया न।

नवें दिन भी खाटी भोजपुरी कजरी

नर्वदा उर्फ मधु श्रीवास्तव द्वारा आनलाईन कार्यशाला मंच का संचालन किया गया अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार की संरिक्षका शशिलेखा सिंह न्यास की संरिक्षका/कजरी महोत्सव क कार्यशाला की प्रशिक्षिका के निर्देशन में चल रहे नवें दिन भी खाटी भोजपुरी कजरी के स्थाई अंतरा को जब गवाकर अभ्यास कराया गया। एक एक लय को एक एक ताल को सूर को बहुत ही आनंदित होकर प्रतिभागियों ने सुना फिर एक एक करके सभी प्रतिभागियों ने एक से एक लय में सूर में बढ चढ कर कजरी के स्थाई अंतरा को प्रस्तुति कर प्रतिभागियों ने अपने मनमोहक लय में सूर में सुनाकर शमा बांध दिया जैसे लग रहा था कि शंकर पार्वती साक्षात और शंकर जी उतर आएं हों।

आनलाइन गूगल मीट पर कजरी गायन

आज सावन मास के नवें दिन कजरी गायन आनलाइन गूगल मीट पर कजरी गीतों की प्रस्तुतिकरण और गायन प्रशिक्षण में भाग लेने वाली प्रतिभागियों में रीता श्रीवास्तव, नर्वदा उर्फ मधु श्रीवास्तव, सुमन पांडेय, अंजली सिंह, हेमलता त्रिपाठी, सीमा अग्रवाल, अर्पणा सिंह, नीरु श्रीवास्तव, शैली सिंह, बंदना तिवारी, सुधा तिवारी, भारती श्रीवास्तव गाजियाबाद, नीरु श्रीवास्तव, विभा श्रीवास्तव, प्रियंका पांडेय, कंचन श्रीवास्तव, रीता पांडेय, भारती श्रीवास्तव, कुसुम मिश्रा, रीना मिश्रा, इंदु दुबे, गायत्री त्रिपाठी, मंजुला पांडेय, पूनम मिश्रा, कु० तन्नु कुमारी चौहान, कु० ऐसन्या सिंह, श्रीवास्तव, सरला गुप्ता, कल्पना सक्सेना, अम्बुज अग्रवाल, राम बहादुर राय अकेला, सौरभ कमल सम्मलित हुए।

कार्यशाला में ये रहे मौजूद

आज नवें दिन भी अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के सभी पदाधिकारी गण उपाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद दुबे, दिग्विजय मिश्र, संयुक्त सचिव राधेश्याम पांडेय, जे पी सिंह, न्यासी शाश्वत पाठक, प्रसून पांडेय, सुदर्शन दुबे, दिव्यांशु दुबे, अखिलेश द्विवेदी, दशरथ महतो, गयानाथ यादव, राहुल द्विवेदी और ऊषाकान्त मिश्र, विनीत तिवारी, निलेन्द्र त्रिपाठी, सुनील मिश्र, पुनीत निगम आदि भी आनलाईन मौजूद रहे।

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