सावन के 10वें दिन कजरी महोत्सव का हुआ समापन, गूगल मीट पर प्रतिभागियों ने दी प्रस्तुतियां

लखनऊ: सावन के 10वें दिन आज मंगलवार को कजरी महोत्सव का समापन हुआ। समापन दिवस पर अन्तर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार के तत्वावधान में कजरी महोत्सव कार्यशाला का समाधान दिन प्रतिभागियों ने कजरी गा के अपनी अपनी प्रस्तुतियां दी।

‘घेरी आई सखी कारी बदरिया,
बरसन लागी सखी मोरी अटरिया’ शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम के समापन के दिन अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के अध्यक्ष, परमानंद पांडेय ने ऑनलाइन कार्यशाला को शुभारंभ कराया, जिसमें आज भी रीता श्रीवास्तव से कार्यशाला में आनलाईन उपस्थित प्रतिभागी को आंमत्रित कर विधिवत प्रतिभागियों को शंकर पर कजरी गायन के लिए शुरुआत करने के लिए निवेदित किया गया। नर्वदा उर्फ मधु श्रीवास्तव द्वारा ऑनलाइन कार्यशाला मंच का संचालन किया।

अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार की संरिक्षका शशिलेखा सिंह न्यास की संरिक्षका/कजरी महोत्सव क कार्यशाला की प्रशिक्षिका के निर्देशन में चल रहे नवें दिन भी खाटी भोजपुरी कजरी के स्थाई अंतरा को जब गवाकर अभ्यास कराया गया तो एक एक लय को एक एक ताल को सूर को बहुत ही आनंदित होकर प्रतिभागियों ने सुना फिर एक एक करके सभी प्रतिभागियों ने एक से एक लय में सूर में बढ चढ कर कजरी के स्थाई अंतरा को प्रस्तुति कर प्रतिभागियों ने अपने मनमोहक लय में सूर में सुनाकर शमा बांध दिया जैसे लग रहा था कि शंकर पार्वती जी साक्षात और शंकर जी उतर आएं हों।

समापन भईल कजरी गीत

अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के तत्वावधान में अंतर्राष्टीय भोजपुरी सेवा न्यास के संरिक्षका/प्रशिक्षिका के निर्देशन अनरवत चल रहल ये कजरी महोत्सव के कार्यशाला में आज राष्ट्रगान जन गण मन और जय हिन्द जय भारत जय भोजपुरी से समापन भईल कजरी गीत को प्रतिभागी गण आनलाइन गाकर कजरी गीत के अंतरा को एक एक मात्रा को खटका – चार स्वर को साथ गाना, और मुर्की- तीन स्वर को एक साथ गाना, एक एक स्थाई अंतरा के मात्रा को ताल लय से सूर से गा कर सुनाया। और सभी प्रतिभागी से एक एक स्थाई अंतरा गवाकर सुना भी जहां त्रुटिपूर्ण रहा तो उसे सही सही अभ्यास करवा गया।

प्रतिभागियों ने आज कजरी महोत्सव कार्यशाला समापन पर अपनी अपनी प्रस्तुति दी-

अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास क संरक्षिका अउर कार्यशाला की प्रशिक्षिका शशिलेखा सिंह जी ने- झूला पडल मउवा क डारि झूलावे हमरे रंगरसिया।
रीता श्रीवास्तव – झूलनी के छईया बलम दुपहरिया बिता ल न।

नर्वदा उर्फ मधु श्रीवास्तव – रउवां बहरा से घरवां आई न बलम जी, हमके सवनवा झुलवा झुलाई न बलम जी

सुमन पांडेय ने गाया – ए त सावन क नदिया सुहावन ननदी, जो हम जनती ननदीया लहरी, त तोहरे अचरा में घुंघुरु लगवती ननदी।

कुसुम मिश्रा ने गया- कईसे खेले जाईब सवनवा में।

कल्पना सक्सेना ने गया – पिया मेहंदी लगा एही सवनवा

सरला गुप्ता ने – बदरा करे बडी मनमानी मुह पर पानी मारे न।

कंचन श्रीवास्तव – सावन आईल बलमू बदरा छा गईल हो।

विभा श्रीवास्तव ने – बरखा आईल बहार आईल हो गोईयां।

अर्पणा सिंह ने – घरवा चलअ गुजरिया झूला आई हो।

अंजली सिंह – मिरजापुर कईलन गुलजार हो कचौडी गली सुन कइल बलमू। भारती श्रीवास्तव गाजियाबाद – *बदरा आईल असमनवा भारती श्रीवास्तव लखनऊ – अरे रामा भीगे मोर चुनरिया बदरिया बरसे हो रामा। कुसुम मिश्रा – सावन में बरसे बदरिया बलमू नाही अईले हो। तन्नु कुमारी चौहान – धनि हो लागल सावन महीनवां चल चली कासी नगरीया न। रीता पांडेय – पिया मेंहदी लाई द न नीरु श्रीवास्तव – घेरी घेरी आई सखी कारी बदरिया! शैली सिंह – चमके रही बदरा में विजुरिया न।
ए क त सावन सावन क नदियां सुहावना ननदी, जे हम जनती ननदीया लहरी, त तोहरे अंचरा में घुंघुरु लगवती ननदी।

ऑनलाइन गुगल मीट पर कजरी गीतों की प्रस्तुतिकरण

आज समापन दिवस पर कजरी गायन का ऑनलाइन गुगल मीट पर कजरी गीतों की प्रस्तुतिकरण और गायन प्रशिक्षण में भाग लेने वाली प्रतिभागियों में रीता श्रीवास्तव, नर्वदा उर्फ मधु श्रीवास्तव, सुमन पांडेय, अंजली सिंह, हेमलता त्रिपाठी, सीमा अग्रवाल, अर्पणा सिंह, नीरु श्रीवास्तव, शैली सिंह, बंदना तिवारी, सुधा तिवारी, भारती श्रीवास्तव गाजियाबाद, नीरु श्रीवास्तव, विभा श्रीवास्तव, प्रियंका पांडेय, कंचन श्रीवास्तव, रीता पांडेय, भारती श्रीवास्तव, कुसुम मिश्रा, रीना मिश्रा, इंदु दुबे, गायत्री त्रिपाठी, मंजुला पांडेय, पूनम मिश्रा, कु० तन्नु कुमारी चौहान, कु० ऐसन्या सिंह, श्रीवास्तव, सरला गुप्ता, कल्पना सक्सेना, अम्बुज अग्रवाल, राम बहादुर राय अकेला, सौरभ कमल सम्मलित हुए।

ये रहे मौजूद

आज समापन दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के सभी पदाधिकारी गण उपाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद दुबे, दिग्विजय मिश्र, संयुक्त सचिव राधेश्याम पांडेय, जे पी सिंह, न्यासी शाश्वत पाठक, प्रसून पांडेय, सुदर्शन दुबे, दिव्यांशु दुबे, अखिलेश द्विवेदी, दशरथ महतो, गयानाथ यादव, राहुल द्विवेदी और ऊषाकान्त मिश्र, विनीत तिवारी, निलेन्द्र त्रिपाठी, सुनील मिश्र, पुनीत निगम आदि भी आनलाईन मौजूद रहे।

सभी का आभार व्यक्त किया

अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार के अध्यक्ष परमानंद पांडेय ने अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार के आदरणीया शशिलेखा सिंह और कजरी कार्यशाला में प्रतिभाग कईले सब सम्मानित आदरणीया/आदरणीय प्रतिभागी गण लोगन क और अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास परिवार क सब सम्मानित पदाधिकारी गण लोगन क सब न्यासी गण लोगन क खचोली खचोली भर भर क आभार व्यक्त कइलें। जय हिन्द जय भारत जय भोजपुरी से आज अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास के तत्वावधान में इ चल रहल इ कजरी महोत्सव क कार्यशाला क समापन भईल।

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