Kangana Ranaut नजर आई Jayalalitha के अंदाज में, शेयर किया Photos

बॉलीवुड इंडस्ट्री की क्वीन कंगना रनौत की फिल्म ‘थलाइवी’ (Thalaivi) जल्द रिलीज होने वाली हैं। यह फिल्म मशहूर एक्ट्रेस, भारतीय राजनीतिज्ञ और तमिल नाडु की मुख्यमंत्री जयललिता (Jayalalitha) पर बनी है।

नई दिल्ली: बॉलीवुड इंडस्ट्री की क्वीन कंगना रनौत की फिल्म ‘थलाइवी’ (Thalaivi) जल्द रिलीज होने वाली हैं। यह फिल्म मशहूर एक्ट्रेस, भारतीय राजनीतिज्ञ और तमिल नाडु की मुख्यमंत्री जयललिता (Jayalalitha) पर बनी है। इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर जयललिता (Jayalalitha) के चाहने वालों के कई सारे उम्मीदे हैं।

Jayalalitha के पिता की मृत्यु के बाद ऐसा हुआ

ऐसे में कंगना (Kangana Ranaut) ने फिल्म का ट्रेलर आने से पहले अपने सोशल मीडिया (Social Media) पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं जिसमें उनका लुक कमाल का लग रहा है। इस तस्वीर में एक्ट्रेस कंगना जयललीता के अंदाज में नजर आ रही है। आपको बता दें, भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व सीएम जयललीता भारतीय राजनीतिज्ञ दल “ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम” की महासचिव थीं। इस से पहले तमिलनाडु में तीन बार सीएम पद के लिए सम्मानित हुई।

आपको बता दें, जयललीता का जन्म 24 फरवरी 1948 को एक ‘अय्यर ब्राहम्ण’ परिवार में, मैसूर में हुआ था। उनके दादा तत्कालीन मैसूर राज्य में एक सर्जन थे। महज दो साल के उम्र में उनक के पिता की मृत्यु हो गई। पिता की मृत्यु के बाद जयललीता की मां उन्हे लेकर बैंगलूर चलीं आई। बाद में उनकी मां ने तमिल सिनेमा में काम करना शुरू कर दिया और अपना फिल्मी नाम ‘संध्या’ रख लिया। मां के साथ बच्चपन से फिल्मी दुनिया को देखकर जयललीता काफी प्रभावित हुई।

Jayalalitha ने बनाई इन भाषाओं में फिल्म

फिर समय आने पर अभिनेत्री के तैर जयललीता ने तमिल के अलावा तेलुगू, कन्नड़, हिन्दी के साथ अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया है। वे 15 वर्ष की आयु में कन्नड फिल्मों में मुख्‍य अभिनेत्री की भूमिकाएं करने लगी थीं। इसके बाद वे तमिल फिल्मों में काम करने लगीं। 1965 से 1972 के दौर में उन्होंने अधिकतर फिल्में एमजी रामचंद्र के साथ की। फिल्मी करियर के बाद उन्होने एम॰जी॰ रामचंद्रन के साथ ही 1982 में राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वर्ष 1987 में रामचंद्रन का निधन के बाद उन्होने खुद को रामचंद्रन की विरासत का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।

यह भी पढ़े

24 जून 1991 से 12 मई 1996 तक राज्य की पहली निर्वाचित मुख्‍यमंत्री और राज्य की सबसे कम उम्र की मुख्यमंत्री रहीं। अप्रैल 2011 में जब 11 दलों के गठबंधन ने 14वीं राज्य विधानसभा में बहुमत हासिल किया तो वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने 16 मई 2011 को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लीं और तब से वे राज्य की मुख्यमंत्री पद पर रहीं। राजनीति में उनके समर्थक उन्हें अम्मा (मां) और कभी कभी पुरातची तलाईवी (‘क्रांतिकारी नेता’) कहकर बुलाते हैं। जयललीता का जीवन का प्रेरणादायर और संघर्ष से भरा रहा।

Related Articles