3D AMG टेक्नोलॉजी से लैस होगा कानपुर-लखनऊ का ये एक्सप्रेस-वे, पढ़िए खासियतें

भारत को जल्द ही एक और एक्सप्रेसवे मिलेगा जो उत्तर प्रदेश के दो सबसे जरूरी शहरों के बीच की दूरी को कम करेगा

भारत को जल्द ही एक और एक्सप्रेसवे मिलेगा जो उत्तर प्रदेश के दो सबसे जरूरी शहरों के बीच की दूरी को कम करेगा. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी 5 जनवरी को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की नींव रखेंगे. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के बारे में एक दिलचस्प बात ये है कि यह 3D ऑटोमेटेड मशीन गाइडेंस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा. यह हाईवे के डेवलपमेंट के लिए 3D AMG टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला भारत का पहला एक्सप्रेसवे होगा.

2023 तक पूरा होने की उम्मीद

1935.34 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा पहले ही मंजूरी दे दी गई है और इसके 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है. एक्सप्रेसवे लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे से शुरू होगा और यह उन्नाव के रास्ते कानपुर में रिंग रोड से जुड़ जाएगा. यह दोनों शहरों के बीच कुल ट्रेवल टाइम को 1.5 घंटे से घटाकर लगभग 55 मिनट कर देगा.

क्या है 3D AMG टेक्नोलॉजी ?

3D AMG टेक्नोलॉजी में कंस्ट्रक्शन वर्क को गाइड करने के लिए 3D इंजीनियर मॉडल का इस्तेमाल किया जाता है.
यह ऑटोमेटेड मशीनों का इस्तेमाल करके हाईवे के डेवलपमेंट के लिए रियल टाइम गाइडेंस देने के लिए ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) टेक्नोलॉजी के साथ 3 डी मॉडलिंग डेटा का इस्तेमाल करता है.
AMG टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाली मशीन जीपीएस, रोबोटिक स्टेशनों और लेजर के कॉम्बीनेशन का इस्तेमाल करके किनारों को काटने की पोजीशन फिक्स करती है.
यह हाईवे के लिए एक 3D मॉडल बनाता है, जिसे बाद में कंप्यूटर-यूजर इंटरफेस का इस्तेमाल करके रिफाइन किया जाता है.

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