कर्नाटक दंगल : एक बार फिर जेडीएस और कांग्रेस से हारी बीजेपी

बेंगलूरु कर्नाटक में बीजेपी और कांग्रेस के लिए आज बड़ा दिन है। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी आज विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। वहीँ आज दूसरी बार बीजेपी ने कांग्रेस और जेडीएस से मात खायी है। स्पीकर की रेस में भी कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन सफल हुआ है। जबकि बीजेपी विधानसभा में स्पीकर की रेस से पीछे हट गई है। गठबंधन की ओर से स्पीकर पद के उम्मीदवार रमेश कुमार को निर्विरोध चुन लिया गया है।

रमेश कुमार

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी स्पीकर की लड़ाई 

इससे पहले बीजेपी ने सुरेश कुमार का अपना स्पीकर बनाया था, जिसका इस गठबंधन काफी विरोध किया था। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गयी थी। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद कहा था कि जी बोपैया ही प्रोटेम स्पीकर बने रहेंगे। इनकी नियुक्ति पर कोई रोक नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो बहुमत परिक्षण में देर हो सकती है।

सुनवाई के दौरान कांग्रेस के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि नियम के मुताबिक सीनियर विधायक ही प्रोटेम स्पीकर बनता है लेकिन राज्यपाल ने बीजेपी के बोपैय्या को प्रोटेम स्पीकर बना दिया गया। इसलिए इनकी न्युक्ति असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसा पहली बार नही हुआ है। जस्टिस बोबडे ने इस बारे में उदाहरण भी दिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सीनियर का मतलब उम्र से नहीं कार्यकाल से होता है। कोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें हटाया गया तो उन्हें नोटिस देनी पड़ेगी ऐसे में बहुमत परिक्षण में देर होगी। इसके बाद कोर्ट ने फैसला दिया था कि बोपैय्या ही स्पीकर बने रहेंगे।

आज बहुमत परिक्षण 

अब एक बार फिर स्पीकर का चुनाव हुआ जिसमे उम्मीदवार रमेश कुमार को निर्विरोध चुन लिया गया। बीजेपी की ओर से सुरेश कुमार ने नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, चुनाव से पहले ही उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। वहीं आज विधानसभा में कुमारस्वामी को बहुमत साबित करना है। दोपहर तीन बजे के बाद बहुमत परिक्षण की कार्यवाही शुरु होगी। विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे के करीब शुरू हो चुकी है। आपको बता दें की पिछले 6 दिनों में कर्नाटक में दूसरा बहुमत परिक्षण है। पहले बीजेपी के बीएस येदिराप्पा ने शपथ लेने के बाद बहुमत परिक्षण के बाद फ्लोर टेस्ट से पहले इस्तीफा दे दिया था।

कुमारस्वामी ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई है। कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण में कांग्रेस, सपा, बसपा, टीएमसी, टीडीपी, टीआरएस और आप जैसी पार्टियों के अध्यक्ष शामिल हुए और सभी ने बीजेपी के खिलाफ एकजुट विपक्ष की एक मजबूत तस्वीर पेश करने की कोशिश की।

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