करुण नायर ने तिहरा शतक ठोकने के बाद कहा- सोचा नहीं था ऐसा होगा

नई दिल्ली: आईपीएल ने बहुत सारे स्थानीय नायकों दिए हैं। इसमें बल्लेबाज़ करुण नायर कोई अपवाद नहीं हैं। साल 2016 में टेस्ट क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने के बावजूद आईपीएल ने उनके क्रिकेट करियर को ठोस आधार दिया। लेकिन क्या आईपीएल ने कई युवा भारतीय क्रिकेटरों के भविष्य को बदला?

शायद उनके परिवार वाले इस सवाल का सबसे अच्छा जवाब दे सकते हैं। जीवन को बदल कर रख देने वाले पल के बारे में बोलते हुए नायर की माँ कहती हैं, “हमने करुण के क्रिकेट करिअर के लिए बहुत त्याग किए हैं। खास कर उनके पिता ने कहा कि उन्होंने अपना समय, अपना कारोबार, सब कुछ छोड़ दिया था।” वहीँ करुण नायर याद करते हुए बताते हैं, “मुझे याद है, मेरे माता-पिता मैच के दौरान स्टेडियम में थे। जब मैंने अपना तिहरा शतक बनाया तो उन लोगों को मीडिया से घिरा पाया। मेरी मां को इस तरह के दबाव की बिल्कुल भी आदत नहीं थी, इसलिए वे किसी तरह लोगों की भीड़ से बाहर निकलीं, लेकिन बाद में जब मैं अपने माता- पिता से मिला तो वे खुशी से नाच रहे थे। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि मैंने इतनी शानदार शुरुआत की है।”

अपनी बात जारी रखते हुए वे कहती हैं, “त्याग हमेशा पैसे का ही नहीं होता है। मुझे याद है करुण  अपनी दादी मां के निधन पर भी घर नहीं आ सका था क्योंकि वह बेहद महत्वपूर्ण मैच खेल रहा था।” “मेरे लिए, साल 2016 के आईपीएल ऑक्शन के दौरान हम सब के त्याग और कड़ी मेहनत का कुछ अच्छा फल मिला। मुझे याद है कि उस दिन मैं करीब 70 शिक्षकों के साथ मंदिर के दौरे पर थी और जब मैं मंदिर में थी तभी मुझे एक फोन आया और बताया गया कि करुण की ऑक्शन 4 करोड़ रुपये में हुई है। मैं मंदिर में ही खुशी से झूमने लगी और जोर-जोर से बोल कर सभी शिक्षकों को बताने लगी कि मेरा बेटा करोड़पति बन गया है!”

नायर के पिता जी ने कहा, “साल 2015 में, उनकी ऑक्शन 75 लाख रु. में हुई थी, इसलिए जब एक साल बाद ही इतनी बड़ी ऑक्शन हुई, तो हमें विश्वास ही नहीं हो रहा था। वह पल सच में जीवन-बदल देने वाला पल था!” हालांकि, नायर के माता-पिता की प्राथमिकता बिल्कुल स्पष्ट है। “आखिरकार हम उसे बहुत सारा क्रिकेट खेलता देखना चाहते हैं और चाहते हैं कि वह अच्छा प्रदर्शन करें। यही हमेशा से हमारी मुख्य प्राथमिकता रही है। बाकी सब अपने आप हो जाता है।”

नायर आईपीएल में लगातार जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं और 2018 में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए वे तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। हालांकि, जब बात टेस्ट क्रिकेट और देश के लिए खेलने की करें तो उनके बैड लक का सिलसिला जारी है।

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