करवा चौथ स्पेशल : अगर आप भी हैं व्रत तो जानें 16 श्रृगांर के महत्त्व, यहां है पूरी लिस्ट

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नई दिल्ली। पूरे देश में करवा चौथ को बड़े ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। इस व्रत को रख पत्नी अपने पति की लंबी आयु की कामना करती है। इसे लोग बहुत ही विधि पूर्वक करते हैं।

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Karwa Chauth Special: If you are too fast then know the importance of Shringra, here is the complete list.puridunia.com

इस बार करवा चौथ का त्योहार रविवार, 8 अगस्त को मनाया जा रहा है। इस व्रत को करने वाली हर महिला आज 16 श्रृगांर करती है। वैसे तो हर श्रृगांर का एक अलग महत्त्व होता है, लेकिन आज हम आपको इस श्रृगांर के पूरे महत्त्व के बारे में बताने जा रहे हैं।

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सिंदूर– सिंदूर के महत्‍व की बात करें तो दीपिका पादुकोण की फिल्‍म का डायलॉग इसपर बिल्‍कुल सूट करता है। ‘…सुहागन के सिर का ताज होता है एक चुटकी सिंदूर’। हिंदू महिलाओं के लिए सुहाग की सबसे पहली और अहम निशानी सिंदूर होती है।

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मंगलसूत्र- इसे भी सुहाग की निशानी माना जाता है। बहुत सी शादीशुदा स्त्रियां इसे हमेशा पहनती हैं।

मांग टीका– मांग टीका सुहागन के लिए एक तरह का नजरबट्टू होता है। य‍ह मांग में भरे सिंदूर को नजर से बचाने के लिए पहना जाता है।

काजल- आंखों में लगाया जाने वाला काजल किसी भी बुरी नजर से बचाता है, इससे लगाकर किसी भी स्त्री का सौंदर्य एकदम बढ़ जाता है।

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बिंदी- माथे पर बिंदी लगाई जाती है। इसका ऊपरी सिरा मांगटीका को स्पर्श करे, ये ध्यान रखा जाता है।

कर्णफूल- श्रृंगार में इसका खास महत्व है। ये कानों में पहना जाता है। माना जाता है कि इससे कानों में हमेशा अच्छी आवाजें ही पड़ती हैं।

गजरा– फूलों का गजरा विवाहिताओं के लिए बहुत महत्व रखता है। इसकी भीनी-भीनी खुशबू जीवनसाथी को हमेशा आपसे जोड़े रखती है।

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नथ– नाक की नथ के लिए मान्‍यता है कि आयुर्वेद के अनुसार अगर नाक के एक प्रमुख हिस्से वाली जगह पर छेद किया जाए तो मासिक धर्म के समय उस महिला को कम दर्द झेलना पड़ता है। इसका कारण वैज्ञानिकों ने नाक की कुछ नसों का एक स्त्री के गर्भ से जुड़ा हुआ बताया है।

चूड़ियां- चूडियों के लिए मान्‍यता है कि इसकी आवाज से घर में हमेशा शांति बनी रहती है।

बिछिया– दोनों पैरों की बीच की तीन उंगलियों में बिछिया पहनी जाती है। इससे शरीर में रक्त-प्रवाह ठीक रहता है।

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मेंहदी– शादी के बाद भी हर खास मौके पर विवाहित महिलाएं मेंहदी लगाती हैं क्योंकि ये सुहाग की निशानी है।

अंगूठी– अंगूठी को सुहाग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे दंपति का रिश्‍ता दिल से मजबूत होता है।

पायल- पायल सिर्फ विवाहिताओं का जीवन सुखद नहीं करता, घर की समृद्धि का भी इससे संबंध है। माना जाता है कि पायल की मधुर ध्वनि से कलह कटते हैं।

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साड़ी– श्रृंगार में ये सबसे अहम जगह रखती है। साड़ियों में भी कई तरह का कपड़ा होता है और जगह के अनुसार पहनने का तरीका बदल जाता है।

बाजूबंद– वैसे तो यह सोलह श्रृंगार का अहम चिन्ह है लेकिन बहुत से लोग ये नहीं भी पहनते हैं।

कमरबंद या तगड़ी- इसे अच्छे स्वास्थ्य से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि शादी के बाद, बच्चे के जन्म के दौरान ये पहनने से स्त्री स्वस्थ रहती है।

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